एमपी: मौत बनकर टूटीं मधुमक्खियां, 24 भेड़ों ने तोड़ा दम, चरवाहा गंभीर जख्मी
मध्य प्रदेश के शाजापुर में मधुमक्खियों के हमले से 24 भेड़ों की मौत हो गई और चरवाहा गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित पहले भी अपनी कई भेड़ें खो चुका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के सलकनखेड़ी गांव में मधुमक्खियों के अचानक हमले में राजस्थान के चरवाहे की 24 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चरवाहा खुद गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे इलाज के लिए सीहोर रेफर किया गया है। पीड़ित चरवाहे के अनुसार, एक महीने पहले भी मिलावटी हल्दी के कारण उसकी 220 भेड़ें मर चुकी थीं। अब इस दूसरी बड़ी त्रासदी ने उसे आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। पुलिस और पशु चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया है।
बचने का मौका ही नहीं मिला
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के शुजालपुर के ग्राम सलकनखेड़ी में मधुमक्खियों के हमले में 24 भेड़ों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमला इतना भयानक था कि भेड़ों को भागने का मौका नहीं मिला। हरतीगा राम ने भेड़ों को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन हजारों मधुमक्खियों ने उस पर भी हमला कर दिया।
चरवाहा भी गंभीर रूप से जख्मी
वहीं हमले में राजस्थान निवासी चरवाहा हरतीगा राम देवासी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल हरतीगा राम इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी।घायल हरतीगा राम की हालत गंभीर होते देख डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद सीहोर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
350 भेड़ें लेकर एमपी आया था चरवाहा
चरवाहा हरतीगा राम देवासी अपने तीन अन्य साथियों के साथ मध्य प्रदेश में 350 भेड़ें लेकर आया था। उसके एक साथी नाथा जी को भी चोटें आई हैं। मधुमक्खियों के हमले में चरवाहे के साथी नाथा जी को भी चोटें आई हैं। चरवाहा नाथा जी ने बताया कि वह अपने साथ करीब 350 भेड़ों का झुंड लेकर पिछले 3 महीने से मध्य प्रदेश में रह रहा था।
पहले हो चुकी है 220 भेड़ों की मौत
घटना की सूचना मिलते ही तिलावद पुलिस चौकी एवं पशु चिकित्सक ने मौके पर पहुंचकर मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया। बताया जा रहा है यह चरवाहा पहले भी एक बड़ी त्रासदी झेल चुका है। करीब एक महीने पहले मिलावटी हल्दी खिलाने से उसकी 220 भेड़ों की मौत हो गई थी। अब दूसरी बड़ी घटना ने चरवाहे को पूरी तरह तोड़ दिया है। पीड़ितों ने मुआवजे की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि भेड़ों की मौत के बाद उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।




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