MP Husband Wife Digital Arrest In Name Of pulwama attack 'आपके तार पुलवामा हमले से जुड़े हैं', MP में बुजुर्ग पति-पत्नी से 1.15 करोड़ की ठगी, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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'आपके तार पुलवामा हमले से जुड़े हैं', MP में बुजुर्ग पति-पत्नी से 1.15 करोड़ की ठगी

इंदौर शहर के हीरानगर थाना क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। साइबर अपराधियों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर रिटायर्ड बुजुर्ग दंपती को आतंकी हमलों और संगीन अपराधों में फंसाने का डर दिखाया और करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपये ठग लिए।

Sun, 1 March 2026 12:38 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, इंदौर
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'आपके तार पुलवामा हमले से जुड़े हैं',  MP में बुजुर्ग पति-पत्नी से 1.15 करोड़ की ठगी

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हीरानगर थाना क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों द्वारा अंजाम दी गई करोड़ों की ठगी ने एक बार फिर पुलिस और आम लोगों को सतर्क कर दिया है। साइबर अपराधियों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर सेवानिवृत्त बुजुर्ग दंपती को आतंकी हमलों और संगीन अपराधों में फंसाने का डर दिखाया और करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने दंपती को 15 दिनों तक वीडियो कॉल पर कथित ‘निगरानी’ में रखकर उनकी जीवन भर की जमा पूंजी हड़प ली।

घटना बजरंग नगर निवासी विजय शंकर सक्सेना, जो बीएसएनएल से रिटायर्ड कर्मचारी हैं, और उनकी पत्नी सुमनलता सक्सेना के साथ हुई। आरोपियों ने खाकी वर्दी पहनकर वीडियो कॉल किया और खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उन्होंने अफजल खान नामक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है, जिसने पहलगाम और पुलवामा आतंकी हमलों समेत बच्चों से दुष्कर्म जैसे मामलों में दंपती का नाम लिया है। ठगों ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के एक बैंक खाते में आतंकियों की मदद के बदले दंपती को 70 लाख रुपये का कमीशन मिला है, जिसके चलते वे गंभीर जांच के दायरे में हैं।

ATS अधिकारी बन 15 दिन तक रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’

पीड़िता सुमनलता के मुताबिक 15 नवंबर से शुरू हुआ ठगी का यह सिलसिला करीब 15 दिनों तक चलता रहा। आरोपियों ने खुद को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह और बाद में जांच अधिकारी प्रदीप लाल बताकर लगातार वीडियो कॉल पर दंपती को बैठाए रखा। उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि वे किसी से संपर्क नहीं करेंगे, वरना तत्काल गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इसी दौरान ठगों ने बैंक खातों, संपत्ति और रिश्तेदारों तक की पूरी जानकारी हासिल कर ली।

एफडी तुड़वाकर खातों में डलवाए पैसे

‘खातों के सत्यापन’ और केस से बचाने का झांसा देकर अपराधियों ने दंपती पर दबाव बनाया कि वे अपनी एफडी तुड़वाकर रकम उनके बताए खातों में जमा करें। भयभीत दंपती विजय नगर स्थित राज्य सहकारी बैंक मर्यादित पहुंचे और दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 49.70 लाख और 65.30 लाख रुपये एनईएफटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने उन्हें बैंक कर्मचारियों से झूठ बोलने तक की स्क्रिप्ट दे दी थी कि पैसा बेटियों की मदद के लिए भेजा जा रहा है।

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तबीयत बिगड़ी तो खुला करोड़ों की ठगी का राज

इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद विजय शंकर सक्सेना की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पत्नी सुमनलता की घबराहट देखकर दामाद मनीष गौड़ ने जब पूछताछ की, तब पूरे डिजिटल अरेस्ट गिरोह की साजिश सामने आई। इसके बाद पीड़ित परिवार ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और बैंक खातों व डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट --हेमंत

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