major relief for pregnant women MP High Court put stay on the 80 day rule for government jobs प्रेग्नेंट महिलाओं को बड़ी राहत, MP हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी में लगाई 80 दिन वाले नियम पर रोक, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
More

प्रेग्नेंट महिलाओं को बड़ी राहत, MP हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी में लगाई 80 दिन वाले नियम पर रोक

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सरकारी संस्थानों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव का लाभ पाने के लिए 80 दिनों की अनिवार्य कार्य अवधि की शर्त पूरी करने की जरूरत नहीं है।

Mon, 6 April 2026 05:45 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल
share
प्रेग्नेंट महिलाओं को बड़ी राहत, MP हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी में लगाई 80 दिन वाले नियम पर रोक

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सरकारी संस्थानों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव का लाभ पाने के लिए 80 दिनों की अनिवार्य कार्य अवधि की शर्त पूरी करने की जरूरत नहीं है। जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि ये नियम केवल निजी कार्यस्थलों पर लागू होती है, न कि राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर।

कोर्ट ने कहा, मैटरनिटी लीव का लाभ उठाने के लिए 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होगी। राज्य अपने नागरिकों की भलाई के लिए उपाय करने के लिए बाध्य है। यह आदेश राज्य सरकार पर लागू होगा और मातृत्व अवकाश का लाभ उठाने के लिए पिछले 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों पर अधिनियम के अनुसार लागू होगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:एमपी में 22 Km ‘टाइगर कॉरिडोर’ बनेगा 4-लेन हाईवे, 758 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, राज्य का कर्तव्य है कि वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान करें। सामाजिक न्याय में स्वास्थ्य और परिवार के कल्याणकारी उपाय शामिल हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 38 के अनुसार, राज्य को जनता के कल्याण को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए और भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 में कहा गया है कि राज्य को अपनी नीति श्रमिकों, पुरुषों और महिलाओं, विशेष रूप से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य और शक्ति की सुरक्षा की दिशा में लगानी चाहिए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए के अनुसार, राज्य को समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना भी आवश्यक है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:एमपी में मौसम की मार; ग्वालियर में जमकर गिरे ओले, आज इन जिलों में येलो अलर्ट

क्या है मामला?

यह मामला एक गेस्ट टीचर ने दायर किया गया था, जिसे साल 2023 में मैटरनिटी लीव तो दिया गया था, लेकिन अधिनियम की धारा 5(2) का हवाला देते हुए मानदेय देने से मना कर दिया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 26 सप्ताह के पेड़ लीव की हकदार है। अदालत ने साफ किया कि इस अवधि के लिए उसे पूरा वेतन दिया जाए, जबकि बाकी अवकाश अवधि को बिना वेतन के माना जा सकता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भोपाल में नाइट क्लब के बाहर आधी रात को बवाल, चार लड़कियों में ‘ढिशूम-ढिशूम’
लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।