विदेशी धरती से भारत आएंगे 8 और चीते, एमपी की धरती पर मारेंगे दहाड़
इसके साथ ही भारत के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता को नई गति मिलेगी। यह कदम राज्य और केंद्र सरकार के बीच करीबी समन्वय के बाद उठाया जा रहा है। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया है।

मध्य प्रदेश एक बार फिर विदेशी धरती से चीते आने जा रहे हैं। 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीतों के भारत आगमन की तैयारी है। इसके साथ ही भारत के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता को नई गति मिलेगी। यह कदम राज्य और केंद्र सरकार के बीच करीबी समन्वय के बाद उठाया जा रहा है। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया है।
केंद्रीय मंत्री और सीएम मोहन यादव के बीच बैठक
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक- चीतों के स्थानांतरण का रोडमैप केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चर्चा केवल चीतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्य प्रदेश के विशाल आरक्षित वन क्षेत्र, जैव विविधता, पर्यटन और इससे जुड़े आजीविका के पहलुओं पर भी विस्तार से बातचीत हुई।
28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे चीते
मुख्यमंत्री ने बताया, “मध्य प्रदेश का रिजर्व फॉरेस्ट बेल्ट हमारे पर्यटन और पर्यावरण के लिहाज से बेहद अहम है। हमने अन्य राज्यों, विशेषकर असम से जंगली भैंस लाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं में केंद्र से सहयोग मांगा। 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से चीते भी आएंगे। राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर वन्यजीव संसाधनों को और मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।”
चीतों के आगमन की शुरू हो गई तैयारियां
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चीतों के आगमन को लेकर क्वारंटीन, स्वास्थ्य परीक्षण, निगरानी और चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक आवास में ढालने की सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यह आगमन प्रोजेक्ट चीता के तहत अब तक मिली सफलताओं को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
भारत में पहले भी लाए जा चुके हैं चीते
गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 में भारत ने दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय बड़े मांसाहारी जानवरों का स्थानांतरण सफलतापूर्वक पूरा किया था। इस दौरान नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीते भारत लाए गए थे। 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में पहले आठ चीतों को छोड़ा था।
फिलहाल भारत में कुल 30 चीते हैं, जिनमें 12 वयस्क, 9 उप-वयस्क और 9 शावक शामिल हैं। इनमें से 19 का जन्म भारत में हुआ है। भारत में जन्मी पहली मादा शावक ‘मुखी’ अब खुद पांच स्वस्थ शावकों की मां बन चुकी है, जिसे संरक्षण की दूसरी पीढ़ी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।




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