झारखंड केडर के 25 IAS अफसर संभालेंगे 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव, कौन-कितना अनुभवी?
सभी 25 अधिकारियों को चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया गया है। इसे लेकर नई दिल्ली के आईआईआईडीईएम में गुरुवार से दो दिवसीय बैचवार केंद्रीय पर्यवेक्षकों की बैठक है।

पांच राज्यों में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए झारखंड कैडर के 25 आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी 25 अधिकारियों को चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया गया है। इसे लेकर नई दिल्ली के आईआईआईडीईएम में गुरुवार से दो दिवसीय बैचवार केंद्रीय पर्यवेक्षकों की बैठक है। चयनित किए गए अधिकारी 2002 से 2014 बैच के अधिकारी हैं।
अन्य राज्य के अफसर भी होंगे शामिल
इन चुनावों की जिम्मेदारी देश के अन्य राज्यों के आईएएस अधिकारी भी शामिल होंगे। झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारियों की बैठक गुरुवार को होगी। इसे लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सह सचिव के.रवि ने कार्मिक विभाग को पत्र लिखा था। कार्मिक के आदेश के बाद बैठक में शामिल होने के लिए आईएएस अधिकारियों को नई दिल्ली भेजने का आदेश दिया गया है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ब्रीफिंग बैठक से अनधिकृत अनुपस्थिति को आयोग गंभीरता से लेगा। अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में अगले चार से छह महीनों में विधानसभा चुनाव होंगे।
किस बैच के हैं अधिकारी, कौन-कितना अनुभवी
चयनित आईएएस अधिकारी वर्ष 2002 से 2014 बैच के हैं, जिसमें अधिकांश सचिव रैंक के हैं। इनमें 2002 बैच के एकमात्र आईएएस अधिकारी मनीष रंजन हैं, जो वर्तमान में श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची के निदेशक हैं। सचिव स्तर के अन्य अधिकारियों में राजेश कुमार शर्मा (2003 बैच), कृपानंद झा (2005), मनोज कुमार एवं विप्रा भाल (दोनों 2006 बैच), अरवा राजकमल (2008 बैच), उमाशंकर सिंह एवं मुकेश कुमार (दोनों 2009 बैच), राजीव रंजन, अमित कुमार एवं अबु इमरान (तीनों 2010 बैच) शामिल हैं।
अन्य अधिकारियों में राहुल कुमार सिन्हा, अंजनेयुलु डोडे, राजेश्वरी बी, वाघमारे प्रसाद कृष्णा (चारों 2011 बैच), जीशान कमर, मृत्युंजय कुमार बरनवाल, शशि रंजन, आदित्य कुमार आनंद, सूरज कुमार (सभी 2013 बैच के), भोर सिंह यादव, वरुण रंजन, शशि रंजन, नैंसी सहाय एवं कुलदीप चौधरी (सभी 2014 बैच के) शामिल हैं।
सौंपी गई हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
संविधान की पूर्ण शक्तियों के अंतर्गत केंद्रीय निर्वाचन आयोग पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है। पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया, निष्पक्ष, भेदभाव रहित और विश्वसनीयता के अनुपालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाती है, जो लोकतांत्रिक राजनीति का आधार है। ये केंद्रीय पर्यवेक्षक न केवल स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने के अपने संवैधानिक दायित्व को पूरा करने में आयोग की मदद करते हैं, बल्कि मतदाताओं की जागरुकता और चुनाव में भागीदारी को भी बढ़ाते हैं।




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