CJI व हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास पहुंची ट्विशा शर्मा मौत मामले की शिकायत, वकील ने लिखा पत्र
सबूतों से छेड़छाड़ की आशंकाओं के बीच, परिवार ने डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के तत्काल संरक्षण के लिए मांगों की एक सूची जांच दल को सौंपी है, जिसमें एम्स भोपाल के आपातकालीन प्रवेश बिंदुओं से सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करना भी शामिल है।

मध्य प्रदेश में जबलपुर शहर के एक वकील ने भोपाल में अपने ससुराल में हुई नोएडा की महिला ट्विशा शर्मा की मौत मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है। अपने इस पत्र में उसने इन दोनों माननीय जजों से इस मामले में न्यायिक दखल देने और महिला की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस बारे में जानकारी देते हुए वकील विवेक तिवारी ने बताया कि ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने ई-मेल के ज़रिए उनसे संपर्क किया और अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई। इस पत्र में वकील ने ट्विशा की सास को मिली अग्रिम जमानत का भी विरोध किया और जांच के प्रभावित होने का शक जताया।
CJI और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में तिवारी ने कहा, 'ट्विशा के पिता द्वारा बताए गए तथ्य और परिस्थितियां बेहद गंभीर, संवेदनशील और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण दिखाई दे रही हैं।' पत्र में वकील ने आगे बताया कि गिरिबाला सिंह, जो ट्विशा की सास और आरोपियों में से एक हैं, एक सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल में जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
'सास को जमानत देने से पैदा हो रहा शक'
पत्र में कहा गया है कि गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत ने ट्विशा के माता-पिता के मन में जांच की निष्पक्षता को लेकर आशंका पैदा कर दी है। वकील ने कहा, 'मृतका के पिता ने गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और महत्वपूर्ण फोरेंसिक सामग्री को नष्ट करने की संभावना को लेकर चिंता व्यक्त की है।'
फरार पति पर घोषित हुआ 10 हजार का इनाम
साथ ही तिवारी ने संवैधानिक अधिकारियों से एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया, और मामले से संबंधित सभी फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग की। भोपाल की एक अदालत ने मृतका के फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी-पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि इससे पहले उसकी मां को राहत दे दी थी। साथ ही पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपए के इनाम की घोषणा भी की है।
एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप-प्रत्यारोप
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर ट्विशा की हत्या की गई थी, जबकि गिरिबाला सिंह ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि मृतका मानसिक इलाज करवा रही थी और नशे की लत से जूझ रही थी।
हफ्तेभर पहले फांसी के फंदे पर झूलती मिली थी ट्विशा
ट्विशा के परिजनों ने उसके ससुराल वालों पर उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है, वहीं ट्विशा की सास का कहना है कि उनकी बहू ड्रग लेती थी और इसी वजह से उसका इलाज भी चल रहा था। ट्विशा एक रिटायर्ड जज की बहू थी, जिसकी शादी उनके अधिवक्ता बेटे से हुई थी। ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं।
इसके अलावा मंगलवार को ट्विशा के परिवार ने एक भावनात्मक सार्वजनिक अपील जारी करते हुए इस हाई-प्रोफाइल मामले को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे अपने बेटी के 'मरणोपरांत चरित्र हनन' के प्रयासों पर भी तत्काल रोक लगाने की अपील की।
जांच को लेकर जताई गंभीर आ
परिवार ने यहां तीन पन्नों का एक बयान जारी कर जांच को लेकर गहरा दर्द और गंभीर आशंकाएं व्यक्त कीं। परिवार ने स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक प्रतिष्ठानों और प्रमुख महिला अधिकार समूहों से सार्थक समर्थन की कमी का हवाला देते हुए कहा कि वे भोपाल की सड़कों पर लगभग पूरी तरह से अकेले इस कानूनी लड़ाई को लड़ रहे हैं।
ट्विशा 12 मई की रात को यहां कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसके पति वकील समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित एक प्राथमिकी दर्ज की। ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।




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