हफ्तेभर बाद भी नहीं हुई ट्विशा की अंत्येष्टि, कोर्ट पहुंची दोबारा PM कराने की मांग; अदालत ने लिया यह ऐक्शन
नोएडा की महिला ट्विशा शर्मा की कथित दहेज प्रताड़ना के बाद हुई मौत के मामले में उसके परिजन ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध करते हुए भोपाल की एक अदालत का रुख किया है। परिवार के वकील ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की बहू व नोएडा की रहने वाली महिला ट्विशा शर्मा (33) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। एक तरफ जहां युवती के परिजनों ने ट्विशा के ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना व हत्या का आरोप लगाया है वहीं उसकी सास व पूर्व जज ने भी अपनी मृत बहू पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी बीच ट्विशा के परिजनों ने उसके दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए भोपाल की स्थानीय अदालत का रुख किया है, जिसके बाद अदालत ने मंगलवार को मामले से जुड़ी पुलिस डायरी तलब की, साथ ही अर्जी की जांच करने के बाद पुलिस डायरी की समीक्षा के लिए कोर्ट ने बुधवार की तारीख तय की है।
इस बारे में जानकारी देते हुए मंगलवार को ट्विशा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि, 'हमने ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए भोपाल में संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन दायर किया है।' हालांकि, उन्होंने अर्जी के बारे में और ज्यादा बताने से इनकार कर दिया। ट्विशा का परिवार लगातार दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने की मांग कर रहा है।
दरअसल परिवार ने यह मांग इस वजह से की है, क्योंकि उनका दावा है कि उनकी बेटी के शरीर पर चोट के ऐसे निशान थे जो शुरुआती रिपोर्ट में नहीं दिखाए गए थे और उन्हीं निशानों की वजह से मृतका के परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं, जबकि ससुराल पक्ष ने रिपोर्ट पर ही सवाल उठाए हैं।
इसके अलावा मृतका के परिजनों ने ट्विशा की पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही जा रही है, जांच अधिकारी उसे शव के साथ एम्स ही नहीं ले गए, जिसके कारण डॉक्टर फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। इन्हीं सब वजहों से मौत के आठ दिन बाद भी ट्विशा का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है।
उधर ट्विशा की भाभी राशि ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष द्वारा लगातार ताने दिए जाते थे और इसी कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी। परिजनों का कहना है कि ट्विशा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। इन्हीं सब वजहों से महिला के परिजनों ने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। इसके अलावा परिवार एक अपील जारी करते हुए मौत के बाद ट्विशा का ‘कैरेक्टर ट्रायल’ भी बंद करने की अपील की है।
उधर मृतका की सास व पूर्व जज गिरिबाला ने मीडिया से चर्चा के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सनसनी फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में चोटों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए तैयार है और जांच में पूरा सहयोग करेगा।
गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा ने अपनी इच्छा से गर्भपात कराया था और बाद में अवसाद में रहने लगी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतका नशे की आदी थी, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे दहेज और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।
इस बीच, मामले में आरोपी बनाए गए ट्विशा के पति व अधिवक्ता समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को अदालत ने खारिज कर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए छह टीमें गठित की गई हैं और शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि दूसरी आरोपी व महिला की सास की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने मंजूर कर ली।
बता दें कि नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय पूर्व मॉडल व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थी। इसके बाद महिला के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने ट्विशा के पति व अधिवक्ता समर्थ सिंह तथा सास व सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था।




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