तुम लोग क्या समझते हो? मैं भैंस हूं! खाऊं और बच्चे पैदा करूं; ट्विशा पर उसकी सास ने और क्या कहा?
Twisha Sharma death case: सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने बहू के व्यवहार और प्रेग्नेंसी को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थी। उसने अपने पति समर्थ से कहा था- तुम लोग क्या समझते हो? मैं भैंस हूं- खाऊं और बच्चे पैदा करूं।

Twisha Sharma death case: भोपाल में पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब नए आरोपों और दावों के बीच उलझता जा रहा है। ट्विशा के मायके वाले जहां दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अब उनकी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने बहू के व्यवहार और प्रेग्नेंसी को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थी। उसने अपने पति समर्थ से कहा था- “तुम लोग क्या समझते हो? मैं भैंस हूं- खाऊं और बच्चे पैदा करूं।” सास ने यह भी दावा किया कि ट्विशा का व्यवहार बेहद अलग-थलग और जिद्दी था।
मुझे बच्चे पसंद, पौधे पसंद, लेकिन फिर…
ट्विशा की सास ने बताया, जब हम इससे (ट्विशा) मिले थे, तो इसने कहा था कि मुझे बच्चे बहुत पसंद हैं। आई लव दिस, आई लव दैट। मुझे प्लांट बहुत पसंद हैं, लेकिन मैं देखती थी कि वो पौधों को देखती तक नहीं थी। वो पूरी तरह से झूठ थी। या तो वो नहीं समझती थी या फिर उसके अंदर जो दो व्यक्ति हैं, वो आडे़ आते थे।
मैं भैंस हूं- खाऊं और बच्चे पैदा करूं…
सास ने आगे कहा- एक तरफ पौधे अच्छे लगते हैं, एक तरफ बच्चे अच्छे लगते हैं, लेकिन पौधों की देखरेख नहीं करना। बच्चे नहीं पैदा करना। खाने के लिए बोलो तो समर्थ ने बताया कि उससे कहा था- तुम लोग क्या समझते हो? मैं भैंस हूं- खाऊं और बच्चे पैदा करूं। हम लोग चाहते थे कि साथ खाना बैठकर खाते हैं, तो वो साथ रहे। लेकिन उसका अलगाव वाला व्यवहार था।
मुझे बच्चा अंदर से मार रहा है
सास के मुताबिक, पांच महीने में तो मुझे सतही तौर पर यही लग रहा था कि यह लड़की स्वच्छंद विचारों की है। उसका अचानक से रुख बदल गया कि बच्चा नहीं करना है। मैंने पूछा, तुम्हें बच्चा क्यों नहीं रखना है, तो उसने कहा- मुझे बच्चा अंदर से मार रहा है। इसलिए नहीं रखना है। इसके चलते जब मैं शाम को दफ्तर से आई तो वो अपने आप को पीट रही थी कि मुझे बच्चा नहीं रखना है।
डोंट कंट्रोल मी!
उन्होंने आगे बताया- मन में एक परेशानी हो जाती है। आजकल न जाने कितने लोग हैं, जो आईवीएफ करते हैं। नैचुरल कोर्स में ये हो गया है। अगर ऐसा करती, तो इससे खूबसूरत बात और क्या हो सकती है। लेकिन उसका ये कहना कि डोंट कंट्रोल मी। ठीक है स्वच्छंदता अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों के जीवन का नाश करो, जिस तरह से हमारा जीवन हुआ है।
मेरा फिगर खराब हो जाएगा
मुझे बच्चा चाहिए, नहीं चाहिए। वो क्या बताना चाह रही थी चैट के जरिए। मुझे बच्चा नहीं चाहिए, क्योंकि मेरे ऊपर आक्षेप लगाया जा रहा है, ये कहना आसान है। मुझे मां नहीं बनना है, क्योंकि मेरा फिगर खराब हो जाएगा। ये नहीं बोलेंगे। ये कहेंगे कि मेरे ऊपर लाल्छन लगाया जा रहा है, ये कहना कितना आसान हो जाता है।




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