कैलाश विजयवर्गीय पर अयोग्यता की तलवार? कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत; पश्चिम बंगाल से कनेक्शन
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है। पार्टी ने अब चुनाव आयोग से हलफनामे में लंबित मामलों का खुलासा न करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने हाल में दिए एक बयान को लेकर मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग का रुख कर मंत्री के खिलाफ एक्शन की मांग की है। कैलाश विजयवर्गीय ने हाल में कहा था कि पश्चिम बंगाल में उनपर 38 'फर्जी केस' दर्ज हैं और वहां जाने पर उनपर गिरफ्तारी का खतरा है। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है। पार्टी ने अब चुनाव आयोग से हलफनामे में लंबित मामलों का खुलासा न करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नामांकन भरते समय उल्लेख नहीं
मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं, लेकिन इंदौर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन भरते समय उन्होंने इनका उल्लेख नहीं किया। नायक ने कहा है कि जिन आधारों पर पहले कई चुनाव रद्द किए गए हैं, उन्हीं आधारों पर कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव भी रद्द होना चाहिए।’
स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया गया
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें चुनाव आयोग से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी उम्मीदवार ने उसपर दर्ज एक भी मुकदमे को छिपाया है तो वह अयोग्यता के दायरे में लाया जा सकता है। वहीं विजयवर्यीग के मामले में तो गिरफ्तारी वारंट तक की बात सामने आ रही है जो कि मामले को और गंभीर बनाते हैं। हालांकि बीजेपी की ओर से अबतक इस मामले में कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं विजयवर्गीय कांग्रेस के कदम पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं यह देखने वाली बात होगी।
विजयवर्गीय को पार्टी ने ही बंगाल जाने से मना किया?
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को रतलाम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं। वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने बताया था कि पार्टी ने भी 'नए लफड़े' से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया हुआ है। इसलिए मैं वहां नहीं जा रहा हूं। अगर आज मैं जिंदा बैठा हूं तो बजरंग बली की कृपा से, नहीं तो मेरी फोटो पर माला लग गई होती।




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