इंदौर दूषित पानी: आदेश में किया था गलत आंकड़े का जिक्र; देवास के SDM सस्पेंड
इंदौर की पेयजल त्रासदी को लेकर एक सरकारी आदेश में लापरवाही बरतने पर देवास के एसडीएम को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए ड्यूटी से संबंधित एक आदेश जारी किया था।

इंदौर की पेयजल त्रासदी से जुड़े एक सरकारी आदेश में लापरवाही बरतने पर देवास के एसडीएम को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के लिए ड्यूटी लगाने का आदेश जारी किया था। इसमें देवास एसडीएम ने कांग्रेस के आरोपों को कॉपी किया था और गलत आंकड़े का उल्लेख भी था। अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन संभाग के आयुक्त (राजस्व) आशीष सिंह ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पर देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित कर दिया है।
लापरवाही का आरोप
उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि धरना प्रदर्शन की सूचना प्राप्त होने के आधार पर आनंद मालवीय अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय देवास की ओर से 3 जनवरी को आदेश कमांक /44/ रीडर 1/2026 जारी किया गया था। उक्त आदेश को बिना परीक्षण किए, अत्यत संवेदनशील एवं गभीर मुददे पर गलत आकडों के साथ जारी किया गया। यह कर्तव्यों के निवर्हन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता को दिखाता है।
तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के तहत कदाचरण की श्रेणी में आता है। अत मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के प्रावधान के तहत अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग देवास आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
आदेश में छापी थी कांग्रेस के ज्ञापन की हू-ब-हू नकल
निलंबन काल में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय उज्जैन संभाग उज्जैन रहेगा। इनको नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एसडीएम के जारी आदेश में कांग्रेस के उस ज्ञापन के उस हिस्से की हू-ब-हू नकल उतार दी गई थी जिसमें विपक्षी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन की पूर्व सूचना के लिए प्रशासन को दिया था। यह गंभीर लापरवाही है।




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