इंदौर दूषित पेयजल मामला : नौ हजार से ज्यादा लोगों की जांच, उल्टी-दस्त के 20 नये मरीज मिले
इंदौर में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण स्वास्थ्य विभाग ने 9000 से अधिक लोगों की जांच की। भागीरथपुरा में 20 नए मरीज मिले, जबकि कुल 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इस प्रकोप में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। एनआईआरबीआई की टीम भी जांच में मदद कर रही है।

इंदौर (मध्यप्रदेश),एजेंसी। इंदौर में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को 9000 से ज्यादा लोगों की जांच की जिसमें उसे उल्टी-दस्त के 20 नये मरीज मिले। अधिकारियों ने बताया कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में जारी सर्वेक्षण के दौरान 2354 घरों के 9416 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और इनमें उल्टी-दस्त के 20 नये मरीज मिले। अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 398 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 256 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 11 लोग आईसीयू में हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि उल्टी-दस्त के प्रकोप की जांच के लिए कोलकाता के राष्ट्रीय जीवाणु संक्रमण अनुसंधान संस्थान (एनआईआरबीआई) का एक दल भी इंदौर आया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से जुड़े एनआईआरबीआई के विशेषज्ञ इस प्रकोप की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी मदद कर रहे हैं। प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, महापौर भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें इस प्रकोप में 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।
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