इंदौर में कब थमेगा दूषित पानी से डायरिया का कहर, 5 नए केस; ICU में अब भी 8 मरीज
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से निपटने की कोशिशों के बीच अब भी नए मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को मंगलवार को डायरिया के 5 नए मरीज मिले।

इंदौर में स्वास्थ्य विभाग को मंगलवार को डायरिया के पांच नए मरीज मिले। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि अब भी 33 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 8 लोग आईसीयू में भर्ती हैं। नए मरीजों के सामने आने के बीच सवाल यह कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त का प्रकोप कब थमेगा?
पांच नए मरीज पहुंचे अस्पताल
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने जानकारी दी कि भागीरथपुरा में डायरिया के पांच नए मरीज ओपीडी पहुंचे थे जिनका तुरंत इलाज किया गया। इस इलाके में 29 दिसंबर से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण अब तक कुल 436 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 403 लोग पूरी तरह ठीक होकर अपने घर भी लौट चुके हैं।
8 का ICU में इलाज
सीएमएचओ के अनुसार, अभी भी 33 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 8 लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बच्चे समेत कुल 23 लोगों की जान गई है। इसी दौरान सरकारी महात्मा गांधी स्मृति मेडिकल कॉलेज की एक समिति ने भागीरथपुरा में हुई 21 मौतों की जांच रिपोर्ट यानी डेथ ऑडिट प्रशासन को सौंप दी है। हालांकि, प्रशासन इस रिपोर्ट के नतीजों के खुलासे से बच रहा है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी
रिपोर्ट के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इनमें से 15 लोगों की मौत उल्टी-दस्त के प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। वहीं जिलाधिकारी शिवम वर्मा ने बताया कि भागीरथपुरा में हुई मौतों के कारणों के विश्लेषण के लिए महाविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति बनाई गई थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि उन्होंने इस रिपोर्ट के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी।
दी जा रही आर्थिक मदद
उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा के कुछ लोगों की मौत संभवत: उल्टी-दस्त के प्रकोप से हुई है। कुछ मरीजों की मौत प्रकोप से संबंधित नहीं थी जबकि कुछ लोगों की मौत के वास्तविक कारण को लेकर समिति किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। प्रशासन ने अब तक भागीरथपुरा के 18 पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है जबकि तीन अन्य परिवारों को यह मदद मुहैया कराई जा रही है।




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