MP : इंदौर के भागीरथपुरा में बर्थडे पार्टी में हड़कंप, दाल-बाटी खाते ही दर्जनों लोग पहुंच गए अस्पताल
मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में एक परिवार में बेटे के जन्मदिन पर खुशियों भरा माहौल अचानक बीमारी और अफरा-तफरी में बदल गया। दाल-बाटी और चूरमा खाने के बाद दर्जनों लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई 35 लोगों की दर्दनाक मौतों का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक बार फिर उसी क्षेत्र से सेहत पर हमला करने वाली घटना सामने आ गई। एक परिवार में बेटे के जन्मदिन पर खुशियों भरा माहौल अचानक बीमारी और अफरा-तफरी में बदल गया। दाल-बाटी और चूरमा खाने के बाद दर्जनों लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
उल्टी-दस्त, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद करीब 15 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा। फिलहाल दो मरीज एमवाय अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि चार लोग निजी अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। बाकी मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में फिर से दूषित पानी कांड की याद ताजा कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि बेटे के जन्मदिन पर दाल-बाटी और चूरमा का भोज रखा गया था। भोजन करने के कुछ समय बाद ही एक-एक कर लोगों की हालत बिगड़ने लगी। अचानक कई लोगों को उल्टी और चक्कर आने लगे, जिससे समारोह स्थल पर हड़कंप मच गया। घबराए परिजन मरीजों को लेकर अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े।
दूषित पानी की परछाई फिर मंडराई
स्थानीय लोगों का कहना है कि भागीरथपुरा पहले ही दूषित पानी के कारण बड़ी त्रासदी झेल चुका है, लेकिन हालात अब भी पूरी तरह नहीं सुधरे। लोगों को आशंका है कि भोजन बनाने में इस्तेमाल हुआ पानी या क्षेत्र की जल सप्लाई फिर संदिग्ध हो सकती है। हालांकि, प्रशासन अभी इसे फूड पॉइजनिंग मानकर जांच कर रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग की टीम ने दाल-बाटी, चूरमा सहित अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की असली वजह सामने आएगी।
खुशियां बनीं संकट, परिवार भी चपेट में
घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है, जब भागीरथपुरा निवासी आकाश माली के घर बेटे के जन्मदिन पर भोज आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में रिश्तेदारों और आसपास के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। भोजन के बाद करीब 35 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें आयोजक परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, इलाज के दो से तीन घंटे बाद करीब 10 लोगों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि रविवार को भी तीन-चार मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने साफ कर दिया है कि भागीरथपुरा में स्वास्थ्य और जल सुरक्षा व्यवस्था अभी भी सवालों के घेरे में है। 35 मौतों के बाद भी अगर लोग सुरक्षित भोजन और पानी को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही पर सबसे बड़ा आरोप माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन इलाके में डर और गुस्सा दोनों साफ दिखाई दे रहे हैं।
रिपोर्ट : हेमंत




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