मेरी वजह से कोई परेशानी नहीं होगी; पिता को मैसेज भेज फंदे से लटक गया बेटा; ऑनलाइन गेमिंग की लत से था परेशान
मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां ऑनलाइन गेमिंग की लत और बढ़ते कर्ज से परेशान एक नर्सिंग ऑफिसर ने आत्महत्या कर ली। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सोमवार को उसकी नई नौकरी जॉइनिंग थी, लेकिन उससे पहले ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां ऑनलाइन गेमिंग की लत और बढ़ते कर्ज से परेशान एक नर्सिंग ऑफिसर ने आत्महत्या कर ली। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सोमवार को उसकी नई नौकरी जॉइनिंग थी, लेकिन उससे पहले ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। मृतक की पहचान ईसागढ़ निवासी राहुल अहिरवार (पिता रमेश अहिरवार) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक सोमवार तड़के करीब 3 बजे राहुल ने अपने पिता को व्हाट्सएप पर एक अंतिम संदेश भेजा। उसने लिखा, अब आपको मेरी वजह से कोई परेशानी नहीं होगी। पिता ने पहले इस मैसेज को सामान्य समझा, लेकिन जब कुछ देर बाद कमरे में जाकर देखा तो राहुल फंदे पर लटका मिला।
परिजनों ने बताया कि राहुल को लंबे समय से ऑनलाइन गेम में पैसे लगाने की लत लग गई थी। इंदौर और देवास में नौकरी के दौरान यह लत और बढ़ गई। वह बार-बार पैसे हारता और कर्ज लेता रहा, जिसे परिवार किसी तरह चुकाता रहा। स्थिति बिगड़ने पर परिवार उसे देवास से वापस घर ले आए, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर से गेमिंग में पैसे लगाने लगा।
बाइक तक रख दी थी गिरवी
हाल ही में राहुल ने गेम में भारी रकम हारने के बाद अपनी बाइक तक गिरवी रख दी थी। इसके बावजूद वह इस लत से बाहर नहीं निकल पाया। दूसरी ओर, उसके जीवन में एक सकारात्मक मोड़ भी आया था कुछ दिन पहले ही उसका चयन सुखपुर अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर पद पर हुआ था और सोमवार को उसे जॉइनिंग करनी थी। लेकिन उससे पहले ही उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
परिवार के अनुसार राहुल काफी समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था। उसने पहले भी आत्महत्या की कोशिश की थी। एक बार हाथ की नस काटकर और दूसरी बार अधिक मात्रा में नींद की गोलियां लेकर। राहुल की शादी करीब 5 साल पहले हुई थी और उसकी 3 साल की एक मासूम बेटी है। घटना से एक दिन पहले ही उसने अपनी पत्नी को उसके मायके बदरवास भेज दिया था। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग की लत और उससे जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है। साथ ही यह भी दिखाता है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना घातक साबित हो सकता है।




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