MP के श्योपुर में लावारिस मिली ढाई साल की बच्ची का भोपाल कनेक्शन, मानव तस्करी का शक
मध्य प्रदेश के श्योपुर में लावारिस मिली ढाई साल की बच्ची के मामले में अब इंदौर और भोपाल कनेक्शन सामने आने के बाद पूरा मामला मानव तस्करी के शक में बदल गया है।

मध्य प्रदेश के श्योपुर में लावारिस मिली ढाई साल की बच्ची के मामले में अब इंदौर और भोपाल कनेक्शन सामने आने के बाद पूरा मामला मानव तस्करी के शक में बदल गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिस बच्ची को सड़क पर छोड़ दिया गया, उसकी कहानी दो दिन की नवजात से शुरू होकर सौदेबाजी और प्रताड़ना तक पहुंचती है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इंदौर के महालक्ष्मी नगर स्थित एक ब्यूटी पार्लर संचालिका नीतू जैन और उसके पति वैभव जैन ने इस बच्ची को महज दो दिन की उम्र में करीब 1 लाख रुपये में एक दंपति को बेच दिया था। इस खुलासे के बाद श्योपुर पुलिस ने इंदौर में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया, वहीं इस सौदे से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को धार से भी पकड़ा गया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि यह मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है।
बच्ची को पीटा गया
चौंकाने वाली बात यह है कि यही बच्ची बाद में भोपाल के एक दंपति के पास पहुंची। आरोप है कि उन्होंने बच्ची को गोद लेने के नाम पर रखा, लेकिन उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता रहा। केयरटेकर के मुताबिक, बच्ची को अक्सर पीटा जाता था और उसकी देखरेख के लिए रखी गई महिला को भी वेतन नहीं दिया गया।
घटना 18 अप्रैल की बताई जा रही है, जब भोपाल के एयरपोर्ट रोड क्षेत्र में रहने वाले आकाश और कृतिका नाम के दंपति बच्ची को लेकर करीब 400 किलोमीटर दूर श्योपुर पहुंचे और उसे टोंक-चिरगांव नेशनल हाईवे के पास सोंईकलां इलाके में लावारिस छोड़कर फरार हो गए। सड़क पर अकेली भटकती मासूम को एक मजदूर ने देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया।
सोशल मीडिया पर बच्ची की तस्वीर वायरल होने के बाद इस पूरे मामले में बड़ा मोड़ आया। भोपाल की एक महिला ने खुद को बच्ची की केयरटेकर बताते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर श्योपुर पुलिस भोपाल पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल बच्ची को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है, जबकि पुलिस दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में साफ संकेत मिले हैं कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि बच्चों की खरीद-फरोख्त और अवैध गोद लेने के नाम पर चल रहे एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
रिपोर्ट -हेमंत




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