'बोट डूबने पर बांटी लाइफ जैकेट ‘; चश्मदीदों ने बताया कैसे हुआ जबलपुर क्रूज हादसा
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध में क्रूज नाव पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर नौ हो गई। अधिकारियों ने बताया कि डूबी हुई नाव से पांच और शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह अन्य लोगों की तलाश अभी जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध में क्रूज नाव पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर नौ हो गई। अधिकारियों ने बताया कि डूबी हुई नाव से पांच और शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह अन्य लोगों की तलाश अभी जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें लापता लोगों की तलाश में अभियान तेज कर रही हैं। दरअसल गुरुवार शाम को तूफान के चलते बरगी बांध में एक क्रूज बोट पलटकर डूब गई। जिस वक्त ये हादसा हुआ, उस वक्त क्रूज पर क्रू मेंबर समेत 43 लोग मौजूद थे। शाम के करीब 6 बजे अचानक मौसम बदल गया और 60-70 प्रति किलोमीटर घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगी जिससे बांध में भी तूफान जैसी स्थिति हो गई। बताया जा रहा है कि तेज हवा के चलते बोट स्थिर नहीं रह पाई और उसने कंट्रोल खो दिया।
कई बचे हुए लोगों ने सुरक्षा उपायों में चूक के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि लाइफ जैकेट तभी बांटी गईं जब नाव डूबने लगी। हादसे में अपनी पत्नी को खोने वाले एक शख्स जूलियस ने कहा, यात्रा के दौरान कोई भी सुरक्षा उपाय दिखाई नहीं दे रहे थे। जब नाव डूबने लगी तो अफरा-तफरी मच गई, और तभी लाइफ जैकेट बांटी गईं। उनकी बेटी और पोता अभी भी लापता हैं। एक अन्य चश्मदीद के मुताबिक, तेज हवा के कारण पानी में लहरें उठीं, जिससे नाव में सवार लोगों ने शोर मचाकर क्रू मेंबर्स से नाव को किनारे की ओर ले जाने की अपील की। लेकिन उन तक आवाज नहीं पहुंच सकी और नाव बहते हुए पलट गई। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने रस्सी की मदद से लाइफ जैकेट पहने यात्रियों को बचाया।
वहीं क्रूज हादसे में बाल-बाल बचीं दिल्ली निवासी संगीता कोरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि लापरवाही और तैयारियों की कमी के कारण यह दुर्घटना हुई और अंतिम समय में 'लाइफ जैकेट' बांटने के दौरान अफरा-तफरी मच गई। कोरी ने 'पीटीआई-वीडियो' से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि नाव में क्षमता से अधिक करीब 40 लोग सवार थे, जिनमें बिना टिकट लिए बैठे कुछ बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की चेतावनी के बावजूद चालक ने नाव को सुरक्षित स्थान की ओर नहीं मोड़ा। कोरी ने कहा, 'हम छह लोग दिल्ली से जबलपुर घूमने आए थे। हमने शाम करीब चार बजे अचानक बरगी बांध जाने का कार्यक्रम बनाया। जब क्रूज शाम करीब छह बजे लौट रहा था, तभी तेज हवाएं चलने लगीं और क्रूज में पानी भरने लगा।
जब पानी भरने लगा, तब बांटी लाइफ जैकेट
उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त तैयारी नहीं होने और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। कोरी के अनुसार, किसी भी यात्री ने 'लाइफ जैकेट' नहीं पहन रखी थी। उन्हें अंदर कहीं रखा गया था। जब पानी भरने लगा तो उन्हें बांटने की कोशिश की गई जिससे अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की मच गई। कुछ ही पलों में नाव पलट गई।
उन्होंने बताया कि अफरा-तफरी के बीच उन्होंने किसी तरह 'लाइफ जैकेट' पकड़कर अपनी जान बचाई। कोरी ने आरोप लगाया कि क्रूज संचालक ने यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा पैसे कमाने को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि एक की मौत हो गई और दो अब भी लापता हैं। कोरी ने कहा, ''किनारे पर मौजूद स्थानीय लोग चिल्लाकर और इशारे करके चालक को नाव सुरक्षित दिशा में ले जाने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी। वह अनुभवहीन लग रहा था। अगर समय रहते नाव मोड़ दी जाती तो यह हादसा टल सकता था।
भाषा से इनपुट




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