तेजस्वी यादव पर छिड़ी बहस तो दो मामा ने कर दी भांजे की हत्या, अब उम्रकैद की सजा; जानें पूरा मामला
मामला पिछले वर्ष 16 नवंबर की रात का है। बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले राजेश मांझी, तूफानी और शंकर गुना में मजदूरी करने आए थे। शंकर बाकी दोनों का भांजा था। तीनों यहां पुलिस लाइन में बन रहे नए क्वार्टर्स में काम कर रहे थे।

गुना के कैंट इलाके में बिहार चुनाव के नतीजे पर हुए विवाद में भांजे की हत्या का फैसला आ गया है। दो मामाओं ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर बहस के दौरान अपने भांजे का मुंह कीचड़ में दबाकर मार डाला था। तीनों के बीच शराब और खानपान के दौरान बहस हुई थी जो थोड़ी ही देर में हिंसक हो गई थी। इस मामले में शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने महज 5 महीने में ट्रायल पूरा करते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला पिछले वर्ष 16 नवंबर की रात का है। बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले राजेश मांझी, तूफानी और शंकर गुना में मजदूरी करने आए थे। शंकर बाकी दोनों का भांजा था। तीनों यहां पुलिस लाइन में बन रहे नए क्वार्टर्स में काम कर रहे थे। घटना वाली रात तीनों ने साथ में खाना बनाया और शराब पी। इसी दौरान उनके बीच विवाद हो गया।
मृतक शंकर RJD का समर्थक था
राजेश और तूफानी दोनों JDU के समर्थक हैं, जबकि मृतक शंकर RJD का समर्थक था। बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर उनके बीच बहस शुरू हुई। राजेश और तूफानी ने तेजस्वी यादव के बारे में कुछ बोल दिया। इस पर विवाद बढ़ गया और दोनों मामाओं ने शंकर को बुरी तरह पीटा। इसके बाद उन्होंने शंकर का मुंह कीचड़ में डुबो दिया, जिससे पानी और कीचड़ गले में जाने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
अधिकतर गवाह अपने बयानों से पलट गए थे
कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप भार्गव के नेतृत्व में एसआई राहुल शर्मा ने जांच कर 40 दिन में कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिकतर गवाह अपने बयानों से पलट गए। ऐसे में DNA रिपोर्ट सबसे अहम सबूत बनी। दरअसल कीचड़ में डुबोते समय आरोपियों के नाखूनों में मृतक के गले की चमड़ी फंस गई थी। पुलिस को अपनी जांच के दौरान यही सबसे अहम सबूत हाथ लगा जिसने केस को सुलझाने में मदद की।
24 जनवरी से इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ था
पुलिस ने इसे जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की कोर्ट में 24 जनवरी से इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ था। कोर्ट ने महज 5 महीने में ही ट्रायल पूरा कर लिया। शनिवार को कोर्ट ने दोनों आरोपी तूफानी मांझी और राजेश मांझी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।साथ ही दोनों पर एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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