झोपड़ी में चल रहा था ‘भ्रूण लिंग परीक्षण’, राहगीर ने किया भांडाफोड़; तीसरी बार आरोपी फरार
मध्य प्रदेश के मुरैना बागचीनी क्षेत्र से सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बागचीनी क्षेत्र के हंडवासी में एक झोपड़ी के अंदर चल रहे अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के गोरखधंधे का पर्दाफाश एक जागरूक राहगीर युवक ने कर दिया।

मध्य प्रदेश के मुरैना बागचीनी क्षेत्र से सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बागचीनी क्षेत्र के हंडवासी में एक झोपड़ी के अंदर चल रहे अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के गोरखधंधे का पर्दाफाश एक जागरूक राहगीर युवक ने कर दिया। युवक की सतर्कता और हिम्मत से इस संगठित गिरोह की पोल खुल गई, हालांकि मुख्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।जानकारी के मुताबिक, सांटा निवासी विकास शर्मा हंडवासी और नहर के बीच से गुजर रहा था। तभी उसने एक झोपड़ी से संदिग्ध तरीके से बाहर आती महिलाओं को देखा।
छप्पर फाड़कर आरोपी हुआ फरार
शक होने पर विकास अंदर पहुंचा और चुपचाप वीडियो बनाना शुरू कर दिया। अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। आरोपी संजय पचौरी महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था, जबकि उसका साथी छोटू उर्फ विक्रम चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। विकास ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए झोपड़ी की कुंडी बाहर से बंद कर दी और अपने दोस्त को फोन किया, लेकिन इसी बीच आरोपी संजय और विक्रम छप्पर फाड़कर मौके से फरार हो गए।
महिलाओं को लेकर भाग निकला ड्राइवर
इधर, ड्राइवर राकेश प्रजापति महिलाओं को वैन में बैठाकर तेजी से मुरैना की ओर भाग निकला। लेकिन विकास और उसके साथी ने हिम्मत नहीं हारी और पीछा करते हुए मुंगावली पेट्रोल पंप पर वैन को पकड़ लिया। वहां से महिलाओं को उतारकर ड्राइवर को पकड़ते हुए थाने पहुंचाया गया। मामले की जानकारी पीसीपीएनडीटी कमेटी को मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पहले भी 2 बार पकड़ा गया परीक्षण
मुख्य आरोपी संजय पचौरी पहले भी दो बार भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में पकड़ा जा चुका है। वह सीएम राइज स्कूल बिलगांव में चपरासी था, जिसे 2024 में सस्पेंड कर दिया गया था।इसके बावजूद वह लगातार इस गैरकानूनी धंधे में सक्रिय रहा। तीन-तीन बार पकड़े जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम कैसे चला रहा था, यह काला कारोबार? प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
रिपोर्ट- अमित कुमार




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