ED Takes Action in Fake Bill Scam 3 Arrested Including Former Indore Municipal Corporation Engineer फर्जी बिल घोटाले में ED का ऐक्शन, इंदौर नगर निगम के पूर्व इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार; रिमांड पर भेजे गए, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
More

फर्जी बिल घोटाले में ED का ऐक्शन, इंदौर नगर निगम के पूर्व इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार; रिमांड पर भेजे गए

इंदौर नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले में ईडी ने पूर्व सहायक इंजीनियर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को अब तक 92 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी के ठोस साक्ष्य मिले हैं।

Wed, 3 June 2026 11:06 AMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, इंदौर
share
फर्जी बिल घोटाले में ED का ऐक्शन, इंदौर नगर निगम के पूर्व इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार; रिमांड पर भेजे गए

इंदौर नगर निगम के बहुचर्चित फर्जी बिल घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के कथित मास्टरमाइंड और पूर्व सहायक इंजीनियर अभय राठौर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने अभय राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा को हिरासत में लेकर मंगलवार को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया। वहां से तीनों को तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में अगली सुनवाई 5 जून को होगी।

फर्जी फाइलों से निकाले करोड़ों रुपये

जांच में सामने आया है कि घोटाले को अंजाम देने के लिए पुराने और पूर्ण हो चुके कार्यों को नया दर्शाकर फर्जी वर्क ऑर्डर और भुगतान फाइलें तैयार की गईं। आरोपियों ने अधिकारियों के लॉगिन आईडी, पासवर्ड और सिस्टम एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिलों को लेखा शाखा तक पहुंचाया और भुगतान भी करवा लिया। जांच एजेंसियों के अनुसार बिना कार्य किए तकनीकी स्वीकृति, ऑडिट और भुगतान की पूरी प्रक्रिया कागजों में पूरी कर दी गई थी। इसके बाद करोड़ों रुपये ठेकेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इंदौर हनीट्रैप केस : जांच में अब ATS की भी एंट्री, रेशू चौधरी का मोबाइल फोन जब्त

ड्रेनेज विभाग से खुला था घोटाला

साल 2024 में नगर निगम के ड्रेनेज विभाग में पुराने कार्यों के नाम पर भुगतान की फाइलें सामने आने के बाद मामले का खुलासा हुआ था। प्रारंभिक जांच में करीब 28 करोड़ रुपये के ऐसे भुगतान सामने आए थे, जिनके पीछे वास्तविक कार्य नहीं मिला। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, घोटाले का दायरा बढ़ता गया और करोड़ों रुपये की अतिरिक्त गड़बड़ियां सामने आने लगीं।

34 करोड़ की संपत्तियां अटैच

मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच कर रही ईडी ने जुलाई 2025 में लगभग 34 करोड़ रुपये मूल्य की 43 अचल संपत्तियां अटैच की थीं। इनमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित मकान, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। ईडी का मानना है कि घोटाले से अर्जित धन को विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया गया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:13 साल की दुल्हन और 42 साल का दूल्हा, इंदौर में 13 पर केस दर्ज

107 करोड़ के गबन की आशंका

शुरुआती जांच में करीब 107 करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई गई थी। हालांकि अदालत में ईडी ने फिलहाल 92 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की जानकारी प्रस्तुत की है। जांच एजेंसी के अनुसार पूर्व सहायक यंत्री अभय राठौर इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार था। आरोप है कि उसने ठेकेदारों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के आधार पर करोड़ों रुपये का भुगतान करवाया।

गायब हो गई थीं कई फाइलें

घोटाले की जांच के शुरुआती दौर में निगम से कई महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने की जानकारी भी सामने आई थी। जो दस्तावेज मिले, उनमें मौजूद हस्ताक्षरों की जांच कराई गई तो कई अधिकारियों के हस्ताक्षर मेल नहीं खाए। सबसे बड़ा सवाल यह भी बना हुआ है कि अधिकारियों की मूल आईडी और पासवर्ड आरोपियों तक कैसे पहुंचे। हालांकि जांच के दौरान कुछ अधिकारियों को क्लीन चिट भी मिल चुकी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इंदौर के हनीट्रैप में रेशू चौधरी को हिरासत में लिया गया, DIG साहब भी बन चुके शिक

186 फाइलों में मिला फर्जीवाड़ा

जांच एजेंसियों के अनुसार संदिग्ध 186 फाइलों की जांच की गई, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक फाइलों में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा पाया गया। इनमें ट्रेंचिंग ग्राउंड से जुड़ी करीब 4 करोड़ रुपये की फाइल भी शामिल बताई जा रही है। फर्जी वर्क ऑर्डर, नकली मापन पुस्तिकाएं (एमबी), फर्जी बिल और भुगतान दस्तावेजों के जरिए पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया।

रिपोर्टः हेमंत

लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।