किसानों के मुद्दों को लेकर MP में कांग्रेस का चक्काजाम, जीतू पटवारी ने पूछा- मोदी गारंटी का क्या हुआ?
पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी बोले- जब हम मोहन यादव और शिवराज जी से सवाल पूछते हैं कि आपने 3100 के धान का कहा था, 2700 के गेहूं का कहा था, 6000 की सोयाबीन का कहा था, तो ये कांग्रेस से उल्टा सवाल पूछते हैं और हमारे पूर्वजों की बातें करते हैं।

किसानों की विभिन्न समस्याओं और उन्हें लेकर राज्य की भाजपा सरकार की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए मध्य प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने गुरुवार को राज्य से गुजरने वाले आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (AB रोड) पर चक्काजाम किया। इस दौरान इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के पिगडंबर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन के दौरान जब एक एंबुलेंस फंस गई तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे रास्ता देकर निकाला। इस बारे में पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश का किसान भाजपा राज में खून के आंसू रो रहा है, लेकिन चक्काजाम का उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं है।
इस प्रदर्शन की जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को कहा कि ‘हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि 2023 में जो मोदी गारंटी दी थी उसका क्या हुआ। तीन साल हो गए, आज तक वो गारंटी पूरी क्यों नहीं हुई। शिवराज जी संसद में बोलते हैं कि किसानों की इनकम आठ गुना हो गई, जो कि कोरा झूठ है। 97 प्रतिशत किसान कर्ज में है, इसलिए आपको वादे तो पूरे करने पड़ेंगे।’
'पटवारी ने दी जेल सत्याग्रह की चेतावनी'
आगे उन्होंने लिखा, 'तीन साल हो गए, हमने इंतजार किया। अब किसान के बेटे सड़क सत्याग्रह करना चाहते हैं, मोहन सरकार को जगाना चाहते हैं, सोई हुई सरकार के कानों में आवाज देना चाहते हैं। ये वही लड़ाई है, सड़क सत्याग्रह। अंगर वो हम पर मुकदमे दर्ज करना चाहते हैं तो हम जेल सत्याग्रह के लिए भी तैयार हैं।'
'सवाल पूछो तो सरकार उल्टा हमसे सवाल करती है'
शाजापुर में हुए प्रदर्शन में शामिल पटवारी ने आगे कहा, 'सरकार ने मोदी गारंटी दी थी और किसानों से वोट लिया था, किसानों से वादा किया था लेकिन अब वे मुकर गए हैं। अब सवाल-जवाब करते हैं, जब हम मोहन यादव जी और शिवराज जी से सवाल पूछते हैं कि आपने 3100 के धान का कहा था, 2700 के गेहूं का कहा था, 6000 की सोयाबीन का कहा था, तो ये कांग्रेस से उल्टा सवाल पूछते हैं और वो हमारे पूर्वजों की बातें करते हैं।'
एंबुलेंस को दिया रास्ता, बोले- आमजन को परेशान करना उद्देश्य नहीं
उधर इस प्रदेशव्यापी चक्काजाम का वीडियो शेयर करते हुए पटवारी ने लिखा, 'सड़क सत्याग्रह के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग चक्का जाम का उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं है। सभी कांग्रेस परिवार के साथी जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखते हुए किसानों की लड़ाई मजबूती और जिम्मेदारी के साथ लड़ रहे हैं। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलता, तब तक हम मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान को चैन से बैठने नहीं देंगे।'
'भाजपा राज में खून के आंसू रो रहा किसान'
इससे पहले सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट में पटवारी ने लिखा था, 'मध्य प्रदेश का किसान आज भाजपा राज में खून के आंसू रो रहा है। आज पूरी मध्य प्रदेश कांग्रेस मुंबई–आगरा हाईवे चक्का जाम कर मोहन यादव सरकार को जगाएगी। फिर भी नहीं जागे तो हम मुख्यमंत्री कार्यालय में भी धरना देंगे। किसान के बेटे हैं, ना डरेंगे ना झुकेंगे।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'आज किसानों के लिए सड़क सत्याग्रह कर रहे हैं, और मोहन यादव अगर हम किसानों के बेटों पर मुकदमे करना चाहते हैं, तो अगली बार हम जेल भरो आंदोलन करेंगे।'
भूरिया बोले- किसानों को न्याय नहीं मिल रहा
उधर इंदौर में प्रदर्शन के दौरान आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने संवाददाताओं से कहा कि सूबे की अर्थव्यवस्था किसानों पर आधारित है, लेकिन भाजपा के राज में अन्नदाताओं को उनका जायज हक और न्याय नहीं मिल रहा।
भूरिया ने आरोप लगाया कि सोयाबीन भावांतर योजना में 'जबरदस्त लूट' मची है और मंडियां 'कॉर्पोरेट का अड्डा' बन गई हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं दिला पा रही। भूरिया ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देने के अंदाज में कहा, 'आखिरी में हमें अगर किसी की कॉलर पकड़नी पड़ी, तो हम वह भी पकड़ेंगे।'
पटेल ने सरकार को कुंभकर्ण की नींद में सोया बताया
उधर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर 'कुंभकर्ण की नींद' में सोई है। पटेल ने कहा, 'हम किसानों के मौलिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। हम सरकार से कोई भीख नहीं मांग रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही और किसान खाद-बीज की समस्या से भी जूझ रहे हैं।




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