उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र से जेल अधिकारी फिरोजा खातून ने की शादी, कैद में हुआ था प्यार; बाहर आकर रचाया विवाह
मध्य प्रदेश की सतना जेल में तैनात अधीक्षिका फिरोजा खातून ने उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह से शादी कर ली। दोनों के बीच कैद के दौरान ही प्यार हुआ था और सजा पूरी करने के बाद दोनों ने शादी कर ली।

मोहब्बत जब परवान चढ़ती है, तो वह न तो मजहब की दीवारें देखती है और न ही समाज की बंदिशें। मध्यप्रदेश के सतना जिले से एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ केंद्रीय जेल सतना में तैनात सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके एक पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया है। इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि मुस्लिम दुल्हन का कन्यादान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संपन्न कराया।
जेल की चारदीवारी के बीच शुरू हुई थी लव स्टोरी
यह फिल्मी लगने वाली प्रेम कहानी सतना केंद्रीय जेल के भीतर शुरू हुई थी। फिरोजा खातून वहां सहायक जेल अधीक्षक (वारंट इंचार्ज) के पद पर तैनात थीं, जबकि छतरपुर के चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह वहां हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। धर्मेंद्र जेल के भीतर वारंट अनुभाग में ही काम करता था, जिसके कारण दोनों का अक्सर आमना-सामना होता था। साथ काम करते-करते दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
हत्या के मामले में 14 साल जेल में रहा धर्मेंद्र
धर्मेंद्र सिंह चंदला का रहने वाला है। साल 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। धर्मेंद्र ने जेल की सलाखों के पीछे लगभग 14 साल बिताए। जेल के भीतर उसके अच्छे आचरण और व्यवहार को देखते हुए समय से पहले ही उसकी रिहाई कर दी गई थी। रिहा होने के बाद भी दोनों का प्रेम कम नहीं हुआ और उन्होंने जीवन भर साथ रहने का फैसला किया।
परिजनों की नाराजगी और बजरंग दल का कन्यादान
मजहब अलग होने के कारण फिरोजा खातून के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। जब फिरोजा ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का निर्णय लिया, तो उनके परिवार ने इस विवाह से दूरी बना ली। ऐसे में सतना के बजरंग दल के कार्यकर्ता आगे आए। उन्होंने न केवल इस विवाह में सहयोग किया, बल्कि हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच छतरपुर के लवकुशनगर में आयोजित समारोह में फिरोजा का 'कन्यादान' भी किया।
चर्चा का विषय बनी यह शादी
धर्मेंद्र और फिरोजा की यह शादी अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। जेल के कैदियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक, हर कोई इस जोड़े को बधाई दे रहा है। फिरोजा खातून ने समाज को यह संदेश दिया है कि इंसानियत और प्रेम किसी मजहब के मोहताज नहीं होते। ड्यूटी के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराने वाली अधिकारी ने अपने निजी जीवन में समाज की रूढ़ियों को तोड़कर एक साहसी कदम उठाया है।




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