MP में 3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस मजबूत पर दिग्विजय की सीट पर साख की लड़ाई; क्या कह रहे आंकड़े?
माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश की इन तीन सीटों के लिए चुनाव एकतरफा होने वाला है। मौजूदा संख्या बल तो यही कहानी बयां कर रहा है। 230 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 165 सदस्य हैं जबकि कांग्रेस के 64 सदस्य हैं।

चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव कराने की शुक्रवार को घोषणा की। इनमें तीन सीट मध्य प्रदेश से भी हैं। दो सीट पर बीजेपी तो एक सीट पर कांग्रेस को जीत मिलना तय माना जा रहा है। इन तीन सीटों पर मौजूदा समय में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और बीजेपी के सुमेर सिंह सोलंकी सांसद हैं।
माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश की इन तीन सीटों के लिए चुनाव एकतरफा होने वाला है। मौजूदा संख्या बल तो यही कहानी बयां कर रहा है। 230 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 165 सदस्य हैं जबकि कांग्रेस के 64 सदस्य हैं।
सीट जीतने के लिए 58 वोट जरूरी
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट जरूरी हैं। इस संख्या बल के हिसाब से तो बीजेपी आसानी से दो सीट पर जीत दर्ज कर सकती है। बीजेपी 58+58 यानी कुल 116 सदस्यों के साथ दो सीट जीत सकती है। इस तरह बीजेपी के पास 58 सदस्य और बचेंगे तो ऐसे में बीजेपी के पास मौका है कि वह तीसरा प्रत्याशी भी उतार दे। हालांकि तीसरे प्रत्याशी की जीत तभी होगी जब क्रॉस-वोटिंग हो।
कांग्रेस के लिए क्या चुनौती?
कांग्रेस के पास कुल 64 सदस्य हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती को आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इसी के साथ उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई और वह चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं। 64 सदस्य होते हुए भी सिर्फ 62 ही वोट कर पाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वोट नहीं करेंगे। कोर्ट ने उनके सदन में वोटिंग और सैलरी पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगाई हुई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने पहले मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था। मल्होत्रा पर अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोप हैं वहीं बीना सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे भी वोट नहीं करेंगी। निर्मला ने साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान दल बदलकर बीजेपी की सभा में हिस्सा लिया था और उनका मामला जबलपुर कोर्ट में विचारधीन है।
दिग्विजय की सीट पर जीतना साख का सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह अब तीसरी बार राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी को इसी सीट पर जीत हासिल करनी है और ये साख का सवाल भी है।
कांग्रेस को भरोसा भी
कांग्रेस का कहना है कि उनके पास फिर भी इतना संख्याबल जरूर है कि वह एक सीट पर आसानी से जीत दर्ज कर लेगी। राज्य कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने क्रॉस-वोटिंग की संभावनाओं को नकारा है। हालांकि कांग्रेस के सामने अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने की चुनौती भी है। संख्या के लिहाज से तो कांग्रेस के पाले में एक सीट जाती दिख रही है मगर क्रॉस-वोटिंग समीकरण भी बदल सकती है।
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