रेप, वीडियो और धर्म परिवर्तन; भोपाल में 11वीं की छात्रा से दरिंदगी के पीछे बड़ी साजिश, मददगार पुलिसकर्मी भी सस्पेंड
मध्य प्रदेश के भोपाल से कक्षा 11वीं की एक छात्रा के साथ हुए गैंग रेप के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। इस सनसनीखेज वारदात से हर कोई सन्न है।

मध्य प्रदेश के भोपाल से कक्षा 11वीं की एक छात्रा के साथ हुए गैंग रेप के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। इस सनसनीखेज वारदात से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग को न केवल हवस का शिकार बनाया गया, बल्कि उसे वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी 20 साल का ओसाफ अली खान ने कुछ हफ्ते पहले पहली बार थार गाड़ी में छात्रा के साथ रेप किया था, जिसका वीडियो उसके दोस्त मोहम्मद माज खान ने बाहर से छिपकर बना लिया था।
इसके बाद दरिंदगी का सिलसिला यहीं नहीं थमा। वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करते हुए पीड़िता को चार अलग-अलग लग्जरी कारों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया गया। जिम संचालक आरोपी माज़ खान ने भी छात्रा को अश्लील संदेश भेजकर प्रताड़ित किया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। छात्रा की शिकायत पर 2 फरवरी को मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को पॉक्सो (POCSO) एक्ट, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया, नाबालिग छात्रा के साथ कुछ हफ्ते पहले थार के खानुगांव इलाके में आरोपी ओसफ अली खान ने पहली बार बलात्कार किया था। माज़ ने बाहर से आईफोन का इस्तेमाल करके वीडियो बनाया था। बाद में, ओसफ ने वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया और चार अलग-अलग लग्जरी कारों में कई बार उसके साथ बलात्कार किया। माज़ ने अश्लील संदेश भेजकर भी उसका यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने लड़की को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने अन्य लड़कियों को भी इसी तरह अपना निशाना बनाया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रा के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची थी।
हेड कॉन्सटेबल सस्पेंड
हैरान करने वाली बात यह है कि कोहेफिजा थाने के एक हेड कांस्टेबल ज्ञानेंद्र द्विवेदी को भी इस मामले में निलंबित किया गया है, जिस पर आरोपी माज़ की मदद करने के लिए 50,000 रुपये लेने का आरोप है। हालांकि पुलिस ने अपराध स्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं, लेकिन वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन को आरोपियों ने राजस्थान में कहीं फेंक दिया है, जिसकी तलाश जारी है।




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