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एमपी के मुरैना में बड़ा हादसा, मुरैना में मंदिर की छत गिरने से 3 बच्चियों की मौत

मुरैना जिले के अहरौली गांव में माता मंदिर की छत गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबने से 3 बच्चियों की मौत हो गई, जबकि एक दंपती समेत 6 लोग घायल हैं। यह हादसा मंदिर में गुंबद बनाने के लिए पुरानी छत तोड़ते समय हुआ। 

Mon, 9 Feb 2026 08:55 PMKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, मुरैना
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एमपी के मुरैना में बड़ा हादसा, मुरैना में मंदिर की छत गिरने से 3 बच्चियों की मौत

मुरैना के अहरौली गांव में चामड़ माता मंदिर की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 3 बच्चियों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब मंदिर में गुंबद निर्माण के लिए पुरानी और कमजोर छत को तोड़े बिना काम चल रहा था। सतीश गौड़ अपनी पत्नी के साथ प्रसाद चढ़ाने आए थे और उन्होंने कुछ बच्चियों को अंदर बुलाया तभी छत ढह गई। 150 साल पुराने इस मंदिर में हुए हादसे से पूरे गांव में शोक है।

कैसे चपेट में आई बच्चियां?

बताया जा रहा है कि मुंगावली गांव के सतीश गौड़ अपनी पत्नी पृथ्वी के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने पहुंचे थे। उन्होंने प्रसाद देने के लिए कुछ बच्चियों को मंदिर के भीतर बुला लिया। इसी बीच पुरानी छत की पटिया गिर गई और नीचे बैठी बच्चियां मलबे में दब गईं। इस हादसे में वैष्णवी सिकरवार, छाया गोस्वामी और करिश्मा गोस्वामी की मौत हो गई है। वहीं दुर्घटना में छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मलबा हटाकर घायलों को निकाला बाहर

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही एसडीएम जौरा शुभम शर्मा सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय निवासी लालू शर्मा ने कहा चामड़ माता के इस मंदिर की स्थापना करीब 150 साल पहले हुई थी। शुरुआत में यह मंदिर केवल चबूतरे के रूप में था।

छत को हटाए बिना बनवाया जा रहा था गुंबद

करीब 7 साल पहले ग्रामीणों ने चंदा इकट्‌ठा करके दीवारें और छोटी पटियाओं के सहारे छत बनवाई थी। फिलहाल पुरानी और कमजोर छत को हटाए बिना गुंबद बनवाया जा रहा था। इसका अतिरिक्त भार छत की पतली पटियाएं सहन नहीं कर सकीं और वे टूट गईं। शुरुआत में यह सिर्फ एक चबूतरे के रूप में था। बाद में ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर दीवारें और पटियों के सहारे छत बनवाई थी।

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नहीं सह पाई वजन और गिर गई छत

हाल ही में मंदिर पर गुंबद बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन कमजोर छत अतिरिक्त भार सहन नहीं कर सकी और यह बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है, तभी अचानक छत गिर गई और मासूम बच्चे मलबे में दब गए।

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