MP में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, अगले 5 दिन ठंड पड़ने के साथ गिरेगा पानी, इन इलाकों में होगी मुश्किल
विभाग ने शनिवार को ग्वालियर, दतिया, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा तो विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दमोह, सागर में कहीं-कहीं मध्यम कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग का कहना है कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी बारिश का एक नया सिस्टम एक्टिव हो गया है और जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में एकबार फिर बारिश के हालात बन गए हैं। इस दौरान अगले पांच दिन तक लगातार राज्य के अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदेश के 16 जिलों यानी विदिशा, राजगढ़, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दमोह और सागर में वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
बीते दिन के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को ग्वालियर और गुना जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। इस दौरान रीवा, सीधी, नौगांव (छतरपुर) और दमोह जिलो में शीतल दिन दर्ज किया गया। जबकि ग्वालियर में घना कोहरा देखा गया। बीते दिन सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस खरगोन में रिकॉर्ड किया गया।
अगले तीन दिन के मौसम का हाल; होगी बारिश, चलेगी हवाएं
शनिवार 31 जनवरी को मौसम विभाग ने प्रदेश के विदिशा, राजगढ़, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दमोह, सागर जिलों में वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। वहीं राजगढ़, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, भिंड, मुरैना, श्योपुर जिलों में झंझावत और वज्रपात के साथ 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा तो विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दमोह, सागर में कहीं-कहीं मध्यम कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है।
रविवार 1 फरवरी को विभाग ने प्रदेश के मंदसौर, नीमच, राजगढ़, आगर, शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। इस दौरान इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी उम्मीद है। साथ ही श्योपुर और मुरैना जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसके अलावा छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में घना कोहरा छाए रहने की भी संभावना है।
सोमवार 2 फरवरी के लिए विभाग ने श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर, राजगढ़, विदिशा, भोपाल, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है।

सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां
वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर अफ़ग़ानिस्तान एवं निकटवर्ती के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में औसत समुद्र तल से लगभग 3.1 से 7.6 किमी की ऊंचाई पर स्थित है, जो ऊंचाई के साथ उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। इससे सम्बद्ध प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से लगभग 1.5 किमी की ऊंचाई पर मध्य पाकिस्तान के ऊपर स्थित है। एक ट्रफ़, मध्य पाकिस्तान में स्थित चक्रवाती परिसंचरण से पंजाब एवं हरियाणा होते हुए उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक समुद्र तल से लगभग 1.5 किमी की ऊंचाई पर विस्तारित है। उत्तर गुजरात एवं निकटवर्ती के क्षेत्रों के ऊपर औसत समुद्र तल से लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। उत्तर भारत के ऊपर औसत समुद्र तल से लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर, लगभग 213 किमी प्रति घंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। एक नवीन पश्चिमी विक्षोभ के 2 फरवरी 2026 की रात्रि से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। एक अन्य नवीन पश्चिमी विक्षोभ के 5 फरवरी 2026 की रात्रि से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।




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