MP में 6 नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी, 1674 करोड़ स्वीकृत; सिंचाई समेत कई परियोजनाओं को भी हरी झंडी
मध्यप्रदेश में 6 नई मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 1674 करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई।

मध्यप्रदेश में 6 नई मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 1674 करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दिए जाने के अलावा लोक निर्माण विभाग, महिला बाल विकास के कार्यों और कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
इन जिलों में खुलेंगे नए कॉलेज, कब तक बनकर तैयार?
अधिकारी के अनुसार, ''भारत सरकार की सहायता से प्रदेश में नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना आगामी पांच वर्षों में पूरी की जाएगी। इसके लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध किया जाएगा।'' राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिनसे राज्य के इन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
सिचाई परियोजना के लिए 286 करोड़ की स्वीकृति
मंत्रिपरिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 गांवों की 7200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई से किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
अन्य योजनाओं के लिए भी करोड़ों की स्वीकृति
उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत बीओटी मार्गों के विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये, बीओटी परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रुपये, एन्युटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है। इसे 16वें वित्त आयोग की अवधि, एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक, जारी रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।
अधिकारी ने बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक सुचारू संचालन के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पांच सालों के 2250 करोड़ मंजूर
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में 'सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन' के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से 'कस्टम हायरिंग' केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारकों के लिए हस्त-चलित या बैल-चलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए पांच वर्षों के लिए 2,250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।




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