Haryana factor behind Noida violent protests and workers demands नोएडा के हिंसक प्रदर्शन और मजदूरों की मांगों में छिपा ‘हरियाणा फैक्टर’- जानिए इनसाइड स्टोरी, Ncr Hindi News - Hindustan
More

नोएडा के हिंसक प्रदर्शन और मजदूरों की मांगों में छिपा ‘हरियाणा फैक्टर’- जानिए इनसाइड स्टोरी

NCR Workers Protest: इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे की मूल वजह 'सैलरी में बढ़ोतरी' जैसी मांग हैं। मगर मामले को ध्यान से समझिए तो मालूम चलता है कि इन हिंसक प्रदर्शनों और मजदूरों की मांगों के पीछे हरियाणा का फैक्टर भी शामिल है। जानिए आखिर इन प्रदर्शनों में हरियाणा की क्या भूमिका है...

Mon, 13 April 2026 08:10 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नोएडा
share
नोएडा के हिंसक प्रदर्शन और मजदूरों की मांगों में छिपा ‘हरियाणा फैक्टर’- जानिए इनसाइड स्टोरी

NCR Workers Protest: दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर श्रमिकों का गुस्सा आग बनकर जहां-तहां बरस रहा है। आज 13 अप्रैल को नोएडा, फरीदाबाद, गुणगांव, पलवल, मानेसर जैसी जगहों पर पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ देखी गई। इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे की मूल वजह 'सैलरी में बढ़ोतरी' जैसी मांग हैं। मगर मामले को ध्यान से समझिए तो मालूम चलता है कि इन हिंसक प्रदर्शनों और मजदूरों की मांगों के पीछे "हरियाणा का फैक्टर" भी शामिल है। जानिए आखिर इन प्रदर्शनों में हरियाणा की क्या भूमिका है...

नोएडा प्रोटेस्ट में क्या है ‘हरियाणा फैक्टर’

दरअसल हरियाणा ने हालिया समय में एक फैसला लिया था, जिसके तार इस प्रोटेस्ट से सीधे तौर पर जुड़ रहे हैं। हरियाणा की सैनी सरकार ने सभी वर्गों के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इसके चलते नोएडा के मजदूरों में ये बात घर कर गई कि पड़ोसी राज्य के मजदूरों को ज्यादा सैलरी मिल रही है, जबकि हमें कम। हरियाणा के इसी फैक्टर ने मजदूरों को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सैलरी, बोनस, ओवरटाइम पर DM-CM ने दिए थे निर्देश; फिर नोएडा में क्यों भड़के मजदूर
ये भी पढ़ें:अब 2.5 घंटे में दिल्ली से देहरादून! ट्रेन, फ्लाइट या एक्सप्रेसवे; कौन है बेस्ट?

हरियाणा में बढ़कर कितनी हुई न्यूनतम मजदूरी

अब जानिए हरियाणा की सैनी सरकार ने क्या बदलाव किया है। अब हरियाणा में अनस्किल्ड वर्कर को 15,220 रुपये, सेमी-स्किल्ड वर्करों को 16,781 रुपये, स्किल्ड वर्करों को 18,501 रुपये और हाई-स्किल्ड वर्करों को 19,426 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसी न्यूनतम मजदूरी को लागू कराने की मांग नोएडा के मजदूरों द्वारा की गई है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मजदूरों का यह भी आरोप है कि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी के नियमों के तहत सैलरी नहीं मिल रही है। अंत में आपको बताते चलें कि प्रशासन ने इनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए कुछ निर्देश भी जारी किए थे।

नोएडा प्रोटेस्ट

मजदूरों के वेतन, ओवरटाइम और बोनस पर डीएम के 7 निर्देश

1- ओवर टाइम का भुगतान दोगुनी दर से होगा। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक भुगतान मिलेगा। अगर फिर भी काम कराया गया, तो उसे दोगुना भुगतान देना होगा।

2- सबको नियमानुसार बोनस दिया जाएगा। ये बोनस 30 नवंबर से पहले उनके खातों में आएगा।

3- यौन उत्पीड़न रोकथाम समित बनाई जाएगी। इसकी अक्ष्यक्षता महिलाएं करेंगी।

4- शिकायत पेटी की स्थापना होगी। सम्मानजनक व्यवहार।

5- श्रमिकों का वेतन हर महीने 10 तारीख से पहले एकमुश्त उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।

6- सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी।

7- जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापिता किया जाएगा, जहां श्रमिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगें।

noida protest

सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या निर्देश दिए थे

1- हर श्रमिक को मिले सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों।

2- औद्योगिक इकाइयां श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करें, श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो।

3- सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।