कल सैलरी, बोनस और ओवरटाइम पर DM-CM ने दिए थे निर्देश, फिर आज नोएडा में क्यों भड़के मजदूर?
NCR Workers Protest: कल 12 अप्रैल को नोएडा की डीएम और सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा मजदूरों के वेतन, बोनस, और ओवरटाइम जैसे मुद्दों पर निर्देश दिए गए थे। लेकिन आज नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर जैसी जगहों पर हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले। जानिए पूरी कहानी।

NCR Workers Protest: दिल्ली NCR के नोएडा में सैलरी बढ़ाने से जुड़ी मांगों को लेकर मजदूरों ने आगजनी और पत्थरबाजी की। सड़क पर उतरे मजदूरों ने न केवल नोएडा में बल्कि फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर और पलवल जैसी जगहों पर भी बवाल माचाया। सोमवार 13 अप्रैल को हुए इन हिंसक प्रदर्शनों से ठीक एक दिन पहले नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने मजदूरों की सैलरी, बोनस, ओवरटाइम जैसे मुद्दों पर 7 निर्देश जारी किए थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कंपनी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान देनें का निर्देश दिया था। मगर इसके बावजूद आज हिंसा भड़की। आइए समझते हैं पूरी कहानी।
नोएडा में क्यों भड़के मजदूर?
डीएम सीएम के निर्देशों से पहले जानिए ये मजदूर आज आंदोलन क्यों कर रहे हैं? इन लोगों की आखिर क्या मांगें हैं? विरोध कर रहे ज्यादातर मजदूरों ने कहा है कि वे महीने में 15,000 रुपये से कम कमाते हैं। उनका कहना है कि वे इतने कम पैसे में अपना गुजारा कैसे करेंगे। उनमें से कुछ ने यह भी कहा कि उनसे रोज 12 घंटे काम करवाया जाता है।

मजदूरों की 2 मुख्य मांगे
सड़कों पर उतरे श्रमिकों की 2 सबसे बड़ी और जरूरी मांगे हैं। पहली, न्यूनतम वेतन को बढ़ाया जाए। दूसरी, ओवरटाइम का अतिरिक्त रुपया दिया जाए। विरोध कर रहे वर्कर्स में से एक लक्ष्मी ने कहा, "हम बस दो चीजें मांग रहे हैं। एक ओवरटाइम का पैसा, और दूसरा 20,000 रुपये महीने की न्यूनतम मजदूरी। हमारी कंपनी में हमारा शोषण हो रहा है। हमें सही समय पर खाना नहीं दिया जाता, और महिलाओं के लिए कोई सेफ्टी नहीं है।”

मजदूरों की मांगों में छिपा हरियाणा फैक्टर
न्यूनतम मजदूरी और वेतनवृद्धि की इन मांगों में हरियाणा फैक्टर काम कर रहा है। चूंकि हरियाणा में नायब सिंह सैनी की सरकार ने न्यूनतम मजदूरी को बढ़ा दिया है। इसके बाद नोएडा के मजदूर खुदको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ऐसे में नोएडा में प्रदर्शन कर रहे इन कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम वेतन का नया ढांचा लागू किया जाए।
इतनी मजदूरी की कर रहे मांग
हरियाणा सरकार ने अनस्किल्ड, सेमी-स्किल्ड, स्किल्ड और हाई-स्किल्ड वर्कर्स के लिए मिनिमम वेज 35 परसेंट बढ़ा दिया है। मजदूरों की मांगों के अनुसार अनस्किल्ड वर्कर को 15,220 रुपये, सेमी-स्किल्ड वर्करों को 16,781 रुपये, स्किल्ड वर्करों को 18,501 रुपये और हाई-स्किल्ड वर्करों को 19,426 रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
सीएम डीएम ने दिए थे निर्देश, लेकिन...
हालांकि 12 अप्रैल को डीएम द्वारा जो 7 ऐलान किए गए, उनमें कहीं भी न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की बात का जिक्र नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों को ओवर टाइम का भुगतान करने, साप्ताहिक छुट्टी देने, समय पर सैलरी देने और बोनस देने जैसी बातों के निर्देश जारी किए थे। लेकिन, मजदूरों की मांग आज भी वही है- न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाया जाए। हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी निर्देश में हर श्रमिकों को सम्मानजनक मानदेय देने का जिक्र है, लेकिन उन्होंने भी आंकड़ों की बात नहीं कही है।

मजदूरों के वेतन, ओवरटाइम और बोनस पर डीएम के 7 निर्देश
- ओवर टाइम का भुगतान दोगुनी दर से होगा। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक भुगतान मिलेगा। अगर फिर भी काम कराया गया, तो उसे दोगुना भुगतान देना होगा।
- सबको नियमानुसार बोनस दिया जाएगा। ये बोनस 30 नवंबर से पहले उनके खातों में आएगा।
- यौन उत्पीड़न रोकथाम समित बनाई जाएगी। इसकी अक्ष्यक्षता महिलाएं करेंगी।
- शिकायत पेटी की स्थापना होगी। सम्मानजनक व्यवहार।
- श्रमिकों का वेतन हर महीने 10 तारीख से पहले एकमुश्त उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।
- सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
- जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापिता किया जाएगा, जहां श्रमिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगें।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या निर्देश दिए थे
- हर श्रमिक को मिले सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों।
- औद्योगिक इकाइयां श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करें, श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो।
- सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें।




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