MP में डरा-धमकाकर हुआ था किन्नरों का धर्मांतरण, अब साधु-संतों की मौजूदगी में हुई सनातन धर्म में वापसी
मां ताप्ती के सभी पवित्र कुंडों के जल से शुद्धिकरण कर विधि-विधान से 50 किन्नरों की घर वापसी कराई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदू संगठनों को लगातार मिल रहे धर्मांतरण के मामलों की शिकायत मिलने के बाद किया गया।

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में साधु-संतों की मौजूदगी में 50 किन्नरों की सनातन धर्म में हुई वापसी हो गई। इस आयोजन में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई जिलों से सैकड़ों किन्नर और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुलताई में स्थित मां ताप्ती तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में किन्नरों का शुद्धिकरण संस्कार किया गया। इस दौरान साधु-संतों, महात्माओं और किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वरों व जगद्गुरुओं की उपस्थिति में धर्मांतरित किन्नरों को धार्मिक ग्रंथों की शपथ दिलाई गई। पवित्र कुंडों के जल से अभिषेक कर, गौमूत्र का छिड़काव कर और मां ताप्ती उद्गम में स्नान कराकर उन्हें सनातन धर्म में पुनः शामिल किया गया।
किन्नरों को प्रताड़ित कर हो रहा था धर्मांतरण
जगत गुरु काजल ठाकुर मां ने कहा कि देशभर में सनातन परंपरा से जुड़े किन्नरों को कथित रूप से प्रताड़ित कर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। किन्नर अखाड़ा और हिंदू संगठनों के सहयोग से ऐसे धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी कराई जा रही है। इस अवसर पर ऋषि अजय दास महाराज ने बताया कि मां ताप्ती की पावन धरा पर हुआ यह आयोजन अब क्षेत्र में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर इसे सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।
डरा-धमकाकर कराया गया था धर्मांतरण
भगवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार भार्गव ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हिंदू किन्नरों को डरा-धमका कर धर्मांतरण कराया जा रहा था और उनकी कमाई को मस्जिदों, मदरसों और छोटी मजारों में फंडिंग के लिए उपयोग हो रहा था। उन्होंने बताया कि यहां तक कि कई किन्नरों का वीजा बनवाकर हज यात्रा भी कराई गई और विरोध करने पर मारपीट तक की घटनाएं हुईं। इसी पृष्ठभूमि में यह आयोजन किया गया।
धर्मांतरित किन्नरों को दिलाई गई धार्मिक ग्रंथों की शपथ
घर वापसी कार्यक्रम के दौरान सूर्य पुत्री मां ताप्ती के प्राचीन मंदिर, मां ताप्ती कुंड और मां काली मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया तथा मां के चरणों में घंटा अर्पित किया गया। मुलताई में स्थित मां ताप्ती का उद्गम तीर्थ इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बना। किन्नर अखाड़ा के संस्थापक आचार्य ऋषि अजय दास के मार्गदर्शन में मुलतापी स्थित तीर्थ क्षेत्र में 50 किन्नरों की हिंदू रीति-रिवाजों और धार्मिक परंपराओं के साथ घर वापसी कराई गई। इस दौरान पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
किन्नरों से सम्पर्क कर आयोजित किया गया कार्यक्रम
इस बारे में जानकारी देते हुए गौ क्रांति दल के अध्यक्ष दिनेश कालभोर ने बताया कि मां ताप्ती के सभी पवित्र कुंडों के जल से शुद्धिकरण कर विधि-विधान से 50 किन्नरों की घर वापसी कराई गई। उधर राष्ट्रीय हिन्दू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने कहा कि संगठन को लगातार धर्मांतरण की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद किन्नरों से संपर्क कर यह सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव




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