घूमने के लिए क्यों खास है राजस्थान का जवाई, ऑफबीट जगह खोज रहे लोगों के लिए बेहतरीन Why is Jawai in Rajasthan special to visit know about best time how to reach and places to visit, Travel news in Hindi - Hindustan
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घूमने के लिए क्यों खास है राजस्थान का जवाई, ऑफबीट जगह खोज रहे लोगों के लिए बेहतरीन

घूमने के लिए राजस्थान में ढेरों जगह हैं और जवाई उनमें से एक है। प्राकृतिक सुंदरता, अरावली की पहाड़ियों से घिरा जवाई को भारत की लेपर्ड कैपिटल के रूप में भी देखा जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि घूमने के लिए जवाई क्यों खास है। 

Tue, 28 April 2026 05:04 PMAvantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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घूमने के लिए क्यों खास है राजस्थान का जवाई, ऑफबीट जगह खोज रहे लोगों के लिए बेहतरीन

राजस्थान को'राजाओं की भूमि' कहा जाता है। ये जगह सांस्कृतिक विरासत और जीवंत परंपराओं के लिए दुनिया भर में फेमस है। वैसे तो थार मरुस्थल की सुनहरी रेत, अरावली की प्राचीन पहाड़ियां और जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे ऐतिहासिक शहर इसकी पहचान हैं, लेकिन इसके अलावा भी राजस्थान में घूमने की काफी जगह हैं। आज हम आपको राजस्थान के जवाई के बारे में बता रहे हैं। राजस्थान का जवाई पाली जिले में स्थित है। यह सुमेरपुर तहसील के अंतर्गत आता है। आइए, जानते हैं घूमने के लिए क्यों खास है राजस्थान का जवाई।

घूमने के लिए क्यों खास है जवाई

जहां पूरी दुनिया में तेंदुए अक्सर घने जंगलों में छिपे रहते हैं औरलोगों को भी उनकाडर होता है। तो वहीं जवाई में वे खुले ग्रेनाइट की पहाड़ियों पर रहते हैं। यहां तेंदुओं को देखना बहुत आसान है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां तेंदुए बिन बात के इंसानों पर हमला नहीं करते और न ही इंसान उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं।

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1) जवाई बांध

जोधपुर से लगभग 160 किमी और उदयपुर से करीब 140 किमी की दूरी पर स्थित जवाई कई चीजों के लिए फेमस है। इस क्षेत्र का सबसे मुख्य आकर्षण है, जवाई बांध है। इसका निर्माण जोधपुर के महाराजा उम्मेद सिंह ने करवाया था। इसे मारवाड़ का अमृत सरोवर कहा जाता है क्योंकि यह पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा बांध है और जोधपुर और पाली के लिए पानी का मुख्य स्रोत है। इस जगह का नजारा बेहद खूबसूरत होता है।

2) लेपर्ड सफारी

जवाई को भारत की लेपर्ड कैपिटल के रूप में भी देखा जाता है। यहां के तेंदुए गुफाओं में रहते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि ये जगह ग्रामीणों और चरवाहों के साथ शांति से रहते हैं। यहां की लेपर्ड सफारी पर्यटकों के बीच बहुत फेमस है, इस जगह पर खुली जिप्सी से ग्रेनाइट की पहाड़ियों पर तेंदुओं को देखा जा सकता है। फैमिली के साथ आप इस जगह पर ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

3) देवगिरी मंदिर

यह एक प्राचीन मंदिर है जो एक विशाल चट्टान के नीचे बना हुआ है। यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है और मां चामुंडा को समर्पित है। इस मंदिर की सीढ़ियों या आसपास तेंदुओं को कई बार आराम करते देखा गया है, लेकिन वह कभी भक्तों को नुकसान नहीं पहुंचाते।

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4) क्रोकोडाइल वॉचिंग

बर्ड वॉचिंग की ही तरह जवाई बांध पर क्रोकोडाइल वॉचिंग करें। यहां बांध के किनारों पर मगरमच्छों का बसेरा है। सर्दियों के दिनों में मगरमच्छ पानी से बाहर आकर चट्टानों पर धूप सेंकते हैं, ऐसे में उन्हें आसानी से देखे जा सकते हैं।

घूमने का सही समय

अक्टूबर से मार्च का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा है क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और वन्यजीवों को देखने की संभावना ज्यादा होती है।

कैसे पहुंचें?

जवाई के नजदीकी हवाई अड्डा लगभग 140 किमी उदयपुर या लगभग 160 किमी जोधपुर का है। वहीं नजदीकी रेलवे स्टेशन मोरी बेड़ा या फालना है। दिल्ली-मुंबई नेशनल हाईवे के करीब है इसलिए बाय रोड यहां पहुंचना आसान है।

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