सफारी के लिए 10 हिस्सों में बटा है रणथंभौर नेशनल पार्क, जानिए यहां की खासियत
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क जंगल सफारी के लिए फेमस है। जानिए 10 सफारी जोन में बटे हुए इस पार्क से जुड़ी डिटेल्स।

राजस्थान का सवाई माधोपुर अपनी नेचुरल सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और वाइल्डलाइफ के कारण बाघों की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। ये जगह अपने अमरूद के लिए पूरे भारत में फेमस है। यहां के अमरूदों की मिठास और क्वालिटी काफी अलग है। किलों और खाने-पीने के अलावा ये जगह जंगल सफारी के लिए भी फेमस है। आइए जानके हैं सफारी के लिए 10 सफारी जोन में बटे रणथंभौर नेशनल पार्क की डिटेल्स।
यहां की खासियत
1)हॉट एयर बैलून
रणथंभौर नेशनल पार्क घूमने आए पर्यटक इस मजेदार एक्टिविटी का मजा ले सकते हैं। आसमान से इस नेशनल पार्क की सुंदरता और वाइल्डलाइफ को देखना एक मजेदार अनुभव हो सकता है।
2)तीन बड़ी झीलें
रणथंभौर नेशनल पार्क में तीन बड़ी झीलें हैं जो खासतौर से आपकी रणथंभौर यात्रा को मजेदार बना सकती हैं। ये झीलें हैं पद्म तालाब, मलिक तालाब और राज बाग। इन झीलों में आप बत्तख, लिली और कमल को देख सकते हैं। पद्म तालाब इस पार्क में स्थित कई झीलों में सबसे बड़ी है।
3) दिखेंगे कई जानवर
जीप सफारी में रणथंबोर नेशनल पार्क को देखना सबसे अच्छे एक्सपीरियंस में से एक है। यहां बाघों के अलावा इस पार्क में कई जंगली जानवर जैसे सियार, चीता, लकड़बग्घा, दलदली मगरमच्छ, जंगली सूअर और हिरणों की अलग-अलग प्रजातियां दिखाई दे सकती हैं।
4) बर्ड लवर्स को आएगा मजा
एक सर्वे के मुताबिक इस पार्क में 30 से 35 हजार प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ ये जगह बर्ड लवर्स के लिए बेहतरीन है।
रणथंभौर के 10 जोन्स
जोन 1- 'सिंहद्वार' प्रवेश द्वार है, ये बाघिन नूर (T-39) का इलाका।
जोन 2- पहाड़ और पानी का सुंदर नजारा और बाघ दिखने की अच्छी संभावना।
जोन 3- पदम तालाब और राजबाग झील यहीं हैं।
जोन 4- मलिक तालाब और सुंदर हरियाली के अलावा ये जगह बाघों के लिए फेमस है।
जोन 5- जोन 4 से सटा हुआ जोन पांच में बाघ और भालू दोनों दिख सकते हैं।
जोन 6- खुले मैदान और पहाड़ के साथ यहां 'लाडली' (बाघिन टी-8) का परिवार दिख सकता है।
जोन 7- ये पहाड़ी इलाका है जो शांति पसंद बाघों को पसंद है।
जोन 8- ऊंची चट्टानें और गहरी घाटियां।
जोन 9- चंबल नदी का किनारा है, जहां बाघों के साथ मगरमच्छ और पक्षी भी बहुत मिलते हैं।
जोन 10- ये नया जोन है जो ऊंचे पहाड़ और शांत वातावरण के लिए फेमस है।
पहली बार जाने वाले सफारी के किस जोन को चुनें
अगर आप पहली बार जा रहे हैं और बेहतरीन नजारे देखना चाहते हैं तो जोन 2, 3 या 4 चुनें।
दिल्ली से रणथंभौर
दिल्ली से रणथंभौर की दूरी लगभग 380-400 किलोमीटर है। अगर आप अपनी कार से इस जगह पर जा रहे हैं तो कम से कम पहुंचने में कम से कम 7 से 10 घंटे लग सकते हैं। वहीं ट्रेन का सफर 5-6 घंटे का होता है। दिल्ली से रणथंभौर जा रहे हैं तो जयपुर वाले रास्ते से होते हुए दौसा और फिर सवाई माधोपुर पहुंचे।
जाने का सबसे अच्छा टाइम
अक्टूबर से मार्च- इस दौरान मौसम बहुत सुहावना होता है इसलिए पर्यटकों के लिए इन महीनों को सबसे बेस्ट माना जाता है।
अप्रैल से जून- इन महीनों के दौरान गर्मी ज्यादा होती है, लेकिन बाघों को देखने के लिए ये सबसे अच्छा महीना है। इसे समय पर बाघ पानी की तलाश में तालाबों के पास आते हैं।
जुलाई से सितंबर- इस दौरान पार्क के मुख्य जोन 1-5 बंद रहते हैं, हालांकि बफर जोन 6-10 खुले रह सकते हैं।
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