क्या है इबोला वायरस जिसने दुनियाभर में बढ़ाई चिंता, जान लें इसके लक्षण और बचाव के तरीके
अफ्रीका में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने चिंता जताई है। इस आर्टिकल में समझिए क्या है इबोला वायरस, इसके लक्षण और बचाव के तरीके।

इबोला वायरस के मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन को इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इमरजेंसी घोषित करना पड़ा। राहत की बात ये है कि भारत में अभी इस वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन अफ्रीका में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए एयरपोर्ट पर चेकिंग चालू हो चुकी है और विदेश से ने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी होना शुरू हो गई है। बहुत से लोग इस संक्रमण से अंजान हैं। ऐसे में इस आर्टिकल से समझिए क्या है इबोला वायरस और इससे बचाव के तरीके।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला वायरस एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है। इसे पहले 'इबोला ब्लीडिंग फीवर' भी कहा जाता था। यह वायरस शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है और रक्त वाहिकाओं को कमजोर कर देता है, जिससे शरीर के अंदर और बाहर भारी ब्लीडिंग होने लगती है।
क्या हैं इबोला वायरस के लक्षण
इबोला वायरस से संक्रमित होने के बाद इसके लक्षण दिखने में 2 से 21 दिन का समय लग सकता है। शुरुआती लक्षण आम फ्लू जैसे होते हैं, जो धीरे-धीरे गंभीर हो जाते हैं। इस वायरस के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार, बहुत कमजोरी, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल है। इन लक्षणों पर ध्यान ना दिया जाए तो गंभीर लक्षण दिख सकते हैं। इन लक्षणों में उल्टी, दस्त या डायरिया, त्वचा पर रैशेज और किडनी व लिवर का ठीक से काम न करना शामिल है। गंभीर लक्षणों में शरीर के अंदरूनी अंगों और बाहरी अंगों जैसे आंख, कान, नाक और मसूड़ों से खून बहना शुरू हो जाता है।
कैसे फैलता है इबोला वायरस
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है ना की हवा, पानी या मच्छरों के काटने से फैलता है। इस वायरस में संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीना, लार, उल्टी, पेशाब या वीर्य के सीधे संपर्क में आने से ये फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए कपड़े, बिस्तर, इंजेक्शन का यूज करने से संक्रमण फैल सकता है।
इस वायरस से कैसे होगा बचाव
इबोला से बीमार या संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, पसीना, उल्टी या स्पर्म को न छुएं। इसके अलावा ऐसी चीजें या सतहों को न छुएं जो संक्रमित व्यक्ति के तरल पदार्थों के संपर्क में आई हों। अपने हाथों को साबुन और पानी से या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर से बार-बार धोएं। इबोला के लिए अब प्रभावी टीके उपलब्ध हैं, जो इसके प्रकोप को रोकने में बहुत मददगार साबित हुए हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन