एसिडिटी से अलग है गैस्ट्राइटिस, समस्या से निपटने के लिए हर दिन खाएं 5 चीजें
गैस्ट्राइटिस एक ऐसी समस्या है जो पेट के अंदर की परत पर होने वाली सूजन, छाले या जलन को कहते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए डायटीशियन ने 5 खाने की चीजों के बारे में बताया है, जो आपको जरूर जाननी चाहिए।

खान-पान, लाइफस्टाइल और मेंटल हेल्थ के बीच सही तालमेल न होने पर पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खासतौर से जब आप बहुत ज्यादा ऑयली, तीखा या प्रोसेस्ड खाना खाते हैं तो पाचन पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से एसिडिटी या कब्ज जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पेट से जुड़ी एक समस्या जो सबसे कॉमन है वह है गैस्ट्राइटिस। ये दिक्कत एसिडिटी से अलग है और इससे निपटने के लिए डायटीशियन ने 5 चीजों को डायट में शामिल करने की सलाह दी है। जानिए गैस्ट्राइटिस और एसिडिटी में अंतर और इस समस्या से निपटने के लिए क्या खाएं।
क्या है गैस्ट्राइटिस और एसिडिटी में अंतर?
दोनों ही समस्या में काफी अंतर है। एसिडिटी की समस्या में पेट का तेजाब गलत दिशा में जा रहा होता है। जिसकी वजह से छाती में जलन सी महसूस होती है। वहीं गैस्ट्राइटिस की समस्या में पेट के अंदर की परत छिलने या उसमें सूजन की वजह से होती है। इसमें जलन के बजाय पेट में अंदरूनी घाव जैसा दर्द महसूस होता है। इस समस्या के होने पर हर व्यक्ति को लक्षण अलग महसूस हो सकते हैं लेकिन कुछ सामान्य लक्षण जैसे ऊपरी पेट में जलन या दर्द, जी मिचलाना और उल्टी, खाने के बाद पेट में भारीपन, भूख में कमी भी दिख सकते हैं। इस समस्यासे बचने के लिए डायटीशियन श्वेता शाह पांचल ने 5 ऐसी खाने की चीजों के बारे में बताया है जो गैस्ट्राइटिस में फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
गैस्ट्राइटिस में फायदेमंद साबित होने वाली 5 चीजें
1) सफेद कद्दू का जूस- सबसे अल्कालाइन और ठंडक देने वाले रसों में से एक सफेद कद्दू का जूस पेट में मौजूद एक्सट्रा एसिड को बेअसर करता है। ये सूजन कम करता है और आंतों की परत को आराम देता है। शुरुआत में 50 से 100 एमएल पीना शुरू करें।
2) जीरा- भुना हुआ जीरा पाचन एंजाइमों को एक्टिव करता है, ये गैस कम करता है और पेट की ऐंठन को प्राकृतिक रूप से शांत करता है। हर सुबह जीरे का पानी पीना गैस्ट्राइटिस के लिए सबसे असरदार आदतों में से एक है।
3) छाछ- नेचुरल प्रोबायोटिक, ठंडक देने वाली और अल्कालाइन ड्रिंक में से एक है छाछ। यह पेट की सूजन वाली परत को आराम देती है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाती है। गैस्ट्राइटिस से पीड़ित किसी भी व्यक्ति के लिए खाने के बाद पीने के लिए यह एक बेहतरीन ड्रिंक है। पाचन के लिए इस ड्रिंक को बेहतर बनाने के लिए थोड़ा काला नमक और जीरा भी इसमें शामिल करें।
4) गोंद कतीरा- यह ठंडक देने वाला ड्रिंक है जो पेट में एक सेफ जेल जैसी परत बनाता है। ये सीधे सूजन वाली परत को आराम देता है। गैस्ट्राइटिस के लिए यह एक पूरी तरह से अनदेखा आयुर्वेदिक उपाय है।
5) एलोवेरा जूस- आंतों के लिए इस जूस को बेस्ट माना जाता है। ये सूजन कम करने वाला, पेट की परत की मरम्मत करने वाला और नेचुरली एसिड बनने को कम करने वाला एलोवेरा जूस है। खाली पेट इस जूस को पीन दवा के समान ही कारगर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन