अखरोट-बादाम भिगोकर खाना माना जाता है गलत, जानें खाने का सही तरीका
अखरोट और बादाम सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन सही तरह से न खाया जाए तो इनके फायदे कम हो सकते हैं। यहां जानिए अखरोट-बादाम खाने का सही तरीका और कैसे स्टोर करें।

हम सबने बचपन से ये सुना है कि बादाम या अखरोट भीगोकर खाएं। लेकिन क्या इन्हें भिगोने से वाकई फायदा मिलता है। यूट्यूब पर योर फूड लैब के शेफ संजोत कीर ने कृष अशोक के साथ खाने से जुड़े कुछ हेल्थ मिथकों का जवाब दिया है। कृष अशोक वैज्ञानिक नहीं हैं, लेकिन विज्ञान को सरल भाषा में समझा सकते हैं। इस बातचीत के दौरान कई सवालों के जवाब देते हुए पीछे छिपी साइंस के बारे में बात की। जिसमें से एक टॉपिक अखरोट और बादाम को भिगोकर खाने से जुड़ा था।
कैसे खाएं अखरोट
संजोत बताते हैं कि 10 साल पहले वह गवर्नमेंट के इंवाइट पर कैलिफोर्निया गए थे और वहां जकर उन्होंने फार्म्स को एक्सप्लोर किया। वहां पर वह कुछ वैज्ञानिकों से मिले जो वहां के किसानों के साथ काम करते थे। ऐसे में उन्होंने वैज्ञानिकों से पूछा कि क्या वह अखरोटों को भिगोकर खाते हैं तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल भी नहीं, क्योंकि ऐसा करने पर न्यूट्रीएंट्स पानी में मिल जाते हैं और जो असल में अखरोट में होते हैं। वह बताते हैं कि भारत में रहने वालों के लिए अखरोट खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे फ्रीजर रखकर स्टोर करें। इसमें मॉइश्चर नहीं होता है तेल होता है, इसलिए ये जमते नहीं है। तो जब भी आपको ये खाना हो इन्हें निकालें और खा लें।
क्या बादाम भिगोकर खाने चाहिए?
बादाम को लेकर कहा जाता है कि इन्हें भिगोकर खाना चाहिए क्योंकि वह मानते हैं कि ऐसा करने से न्यूट्रीएंट्स ज्यादा मिलते हैं। कृष अशोक कहते हैं कि ऐसा करने से आप एंटी-न्यूट्रीएंट्स को कम कर रहे होते हैं, जिसकी वजह से इन्हें पचाना मुश्किल हो सकता है। इसे भिगोकर खाने के लिए लोग ये लॉजिक लगाते हैं कि ऐसा करने से पचाना आसान होता है। बादाम भिगोकर खाने से एंटी न्यूट्रिएंट्स हटाने काम नहीं करता है, हालांकि ऐसा करने से कुछ असल न्यूट्रीएंट्स कम हो सकते हैं।
दाल से अलग होते हैं ये नट्स
ये नट्स अलग होते हैं और इनमें फैट ज्यादा होता है और मॉइश्चर कम होता है। इसके अलावा इनमें न्यूट्रिशनल वैल्यू अलग होती है। इन्हें भिगोना दाल भिगोने जितना फायदेमंद नहीं होता है। आप दाल भिगोने की जरूरत इसलिए होती है क्योंकि ये असल में एंटी न्यूट्रीएंट्स को हटाने का काम करता है। कृष कहते हैं कि बहुत से लोग बादाम के छिलके को पचाने में असमर्थ होते हैं और बहुत से लोग बादाम को उसकी स्किन के साथ नहीं खा पाते हैं। ऐसे में बादाम को भिगोकर खाने से उसे पचाने में आसानी होती है। इसके अलावा बुढ़े लोग जिनके दांत नहीं होते हैं उन्हें भी भीगे बादाम खाना आसान लगता है। हालांकि, यंग लोग जिन्हें पाचन से जुड़ी समस्या नहीं है उनके लिए कच्चे बादाम खाना सबसे अच्छा है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
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