एग्जाम एंग्जायटी से कैसे पाएं राहत? साइकियाट्रिस्ट ने बताईं ब्रीदिंग टेक्निक्स Exam Stress Relief Simple Breathing Exercises Recommended by Psychiatrist, हेल्थ टिप्स - Hindustan
More

एग्जाम एंग्जायटी से कैसे पाएं राहत? साइकियाट्रिस्ट ने बताईं ब्रीदिंग टेक्निक्स

परीक्षा के समय घबराहट और तनाव आम है, लेकिन जरूरत से ज्यादा एंग्जायटी पढ़ाई और परफॉर्मेंस दोनों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सही ब्रीदिंग तकनीकें मन और शरीर को शांत रखने में मदद करती हैं।

Fri, 20 Feb 2026 01:04 PMShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
share
एग्जाम एंग्जायटी से कैसे पाएं राहत? साइकियाट्रिस्ट ने बताईं ब्रीदिंग टेक्निक्स

परीक्षा का समय छात्रों के लिए सिर्फ पढ़ाई की चुनौती नहीं होता, बल्कि यह मानसिक दबाव, उम्मीदों का बोझ और असफलता का डर भी साथ लाता है। जैसे-जैसे एग्जाम की तारीख नजदीक आती है, कई छात्रों में बेचैनी, घबराहट और आत्म-संदेह बढ़ने लगता है। अच्छी तैयारी होने के बावजूद एग्जाम हॉल में दिमाग का खाली हो जाना, पसीना आना या दिल की धड़कन तेज हो जाना एग्जाम एंग्जायटी के आम संकेत हैं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में तनाव परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकता है, लेकिन जब यह नियंत्रण से बाहर हो जाए तो याददाश्त, फोकस और आत्मविश्वास पर नकारात्मक असर डालता है। यही कारण है कि परीक्षा के दौरान सिर्फ किताबों पर नहीं, बल्कि मन को शांत और संतुलित रखने पर भी ध्यान देना जरूरी है। साइकियाट्रिस्ट Dr Kurinji G R के अनुसार, सही ब्रीदिंग तकनीकें शरीर और दिमाग के बीच संतुलन बनाकर घबराहट को तुरंत कम कर सकती हैं। माता-पिता की समझदारी और सहयोग भी इस दौर में बच्चों के लिए बेहद अहम भूमिका निभाता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शराब से ज्यादा खतरनाक है खाने की ये सफेद चीज! डॉक्टर बोले- हार्ट-लिवर के लिए जहर

एग्जाम एंग्जायटी के लक्षण

साइकियाट्रिस्ट के अनुसार, एंग्जायटी चार स्तरों पर दिखाई देती है:

  • शारीरिक लक्षण: सिरदर्द, मतली, उल्टी जैसा महसूस होना, पसीना आना, तेज दिल की धड़कन, सांस फूलना, चक्कर आना और मुंह सूखना।
  • भावनात्मक लक्षण: डर, गुस्सा, निराशा, आत्मविश्वास की कमी, उदासी, बेबसी और बिना वजह रोना या हंसना।
  • व्यवहारिक लक्षण: बार-बार हिलना-डुलना, टहलना, पढ़ाई या परीक्षा से बचने की कोशिश करना।
  • मानसिक (कॉग्निटिव) लक्षण: तेज विचार, दिमाग का खाली हो जाना, ध्यान ना लगना, खुद को दूसरों से तुलना करना और नेगेटिव सेल्फ-टॉक।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पैरों को इन 3 चीजों में भिगोने से बॉडी रिलैक्स होने के साथ ही होती है डिटॉक्स

ब्रीदिंग टेक्निक्स जो तुरंत राहत दें!

डॉ. कुरिंजी बताते हैं कि कंट्रोल्ड ब्रीदिंग शरीर के रिलैक्सेशन सिस्टम को एक्टिव करती है।

  1. 4-2-6 ब्रीदिंग टेक्निक: 4 सेकंड में सांस लें, 2 सेकंड रोकें और 6 सेकंड में धीरे-धीरे छोड़ें। इससे दिल की धड़कन शांत होती है।
  2. बॉक्स ब्रीदिंग: 4 सेकंड सांस लेना → 4 सेकंड रोकना → 4 सेकंड सांस छोड़ना → 4 सेकंड रुकना। यह पैनिक साइकिल को तोड़ने में मदद करता है।
  3. बैली ब्रीदिंग: सांस लेते समय पेट का ऊपर उठना और छोड़ते समय नीचे जाना। यह ऑक्सीजन लेवल बढ़ाकर तनाव कम करता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बच्चों के लिए अंगूर क्यों बन सकते हैं जानलेवा? पीडियाट्रिशियन से जानें

पेरेंट्स की भूमिका: एक्सपर्ट कहते हैं कि माता-पिता को बच्चों की घबराहट को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सपोर्टिव बातचीत, पॉजिटिव माहौल और बिना दबाव के प्रोत्साहन बच्चों को आत्मविश्वास देता है।

एक्स्ट्रा टिप्स

  • कैफीन (कॉफी, एनर्जी ड्रिंक) कम करें।
  • हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करें।
  • पूरी नींद लें, ताकि दिमाग बेहतर काम करे।
  • परीक्षा में सफलता सिर्फ पढ़ाई से नहीं, बल्कि शांत और संतुलित मन से भी मिलती है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य एक्सपर्टे से उचित सलाह ले सकते हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।