बॉडी डिटॉक्स के लिए बेस्ट है पैरों को भिगोना, डॉक्टर ने बताया किन 3 चीजों में करें सोक
Soaking Feet In 3 Things: रात को सोने से पहले पैरों को भिगोना अच्छी आदत हो सकती है। लेकिन अगर आप इन तीन चीजों को सोते समय पैरों को भिगोने के लिए गुनगुने पानी में डालेंगे तो इससे बॉडी रिलैक्स होने के साथ ही डिटॉक्स भी हो जाती है।

रोजाना रात को सोने से पहले पैरों को पानी में भिगोकर रखना एक अच्छी आदत है। लेकिन ये आदत केवल आपके पैरों को ही रिलैक्स नहीं करती बल्कि ये आपके माइंड और बॉडी को भी रिलैक्स करती है। या, ये कह सकते हैं कि ये केवल रिलैक्सेशन टेक्निक नही है बल्कि ये बॉडी का डिटॉक्सिफिकेशन है। जिससे पैरों की मदद से पूरी बॉडी में मौजूद डिटॉक्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
पैरों में सबसे ज्यादा लगभग 7 हजार के करीब नर्व्स होती हैं। साथ ही बॉडी के सबसे बड़े पोर्स भी पैरों में होते हैं। जो बॉडी में मौजूद टॉक्सिंस और वेस्ट मैटेरियल को डायरेक्ट बाहर निकालने में मदद करते हैं। डॉक्टर ने बताया किन 3 चीजों में पैरों को अगर भिगोया जाए तो फायदे मिलते हैं।
बॉडी को होने वाले फायदे
पैरों को जब इन तीन चीजों में भिगोकर रखते हैं तो इससे माइंड रिलैक्स होता है। साथ ही माइंड ज्यादा क्लियर और फोकस्ड हो पाता है। ब्रेन फॉग नहीं होता। स्ट्रेस कम महसूस होता है और नींद की क्वालिटी में भी सुधार होता है। पैरों को सोक करने से हैवी मेटल्स की वजह से हो रहे टॉक्सिंस बॉडी के बाहर निकलते हैं। साथ ही बॉडी रिलैक्स महसूस करती है।
किन 3 चीजों में पैरों को करें सोक
पैरों को गुनगुने पानी में भिगोने से बॉडी रिलैक्स होती है। पानी के हीट की वजह से लिम्फैटिक ड्रेनेज होता है और पोर्स ओपन होते हैं। लेकिन अगर इन 3 चीजों को गुनगुने पानी में मिला दिया जाए तो ये और भी ज्यादा रिलैक्स और डिटॉक्स करने वाला हो जाता है।
एप्सम सॉल्ट
गुनगुने पानी में आधा कप एप्सम सॉल्ट डालकर उसमे पैरों को 20 मिनट से लेकर आधा घंटा तक भिगोएं। एप्सम सॉल्ट में मौजूद मैग्नीशियम बॉडी में मौजूद हैवी मेटल्स को बाहर खींचकर निकालता है और इन्फ्लेमेशन को भी खत्म करता है। साथ ही पैरों की वो मसल्स को तनाव में आकर सिकुड़ जाती हैं। उन्हें मिनटों में आराम मिलता है।
एप्पल साइडर विनेगर
इसी गुनगुने पानी में अगर एक कप एप्पल साइडर विनेगर डालकर पैरों को भिगोया जाए तो इससे पैरों की स्किन का पीएच लेवल बैलेंस होता है। टिश्यू में फंसे हुए टॉक्सिंस को निकालने में मदद करता है और साथ ही बॉडी के डिटॉक्सिफिकेशन को 40 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।
रोजमेरी, लैवेंडर या अदरक
तीसरा तरीका है पानी में लैवेंडर, रोमजेरी की पत्तियां या फिर ताजे कटे अदरक को पानी में डाला जाए। ये सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद करते हैं और किसी बायोलॉजिकल ब्रूम की तरह काम करते हुए शरीर में जमा हो रहे टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है।
पैरों को भिगोने के बाद करें ये काम
हर रोज पैरों को करीब आधा घंटा अगर इन 3 तरह के पानी में डुबोने के बाद ड्राई ब्रशिंग करें। ड्राई ब्रश को पैरों से करते हुए ऊपर हार्ट की तरफ आना है। ऐसा करने से शरीर में जमा लिम्फ, फ्लूइड और टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
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