रोटी बनाते हुए 80% लोग करते हैं ये 5 गलतियां, तभी नहीं मिलता खाने का पूरा पोषण!
Health Tips: रोज रोटी बनाते समय हम में से ज्यादातर लोग कुछ गलतियां दोहराते हैं, जो नॉर्मल लगती हैं लेकिन रोटी का पोषण कम कर देती हैं। डायटिशियन श्वेता ने ऐसी ही 5 कॉमन मिस्टेक्स के बारे में बताया है।

रोटी भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा है। लंच से ले कर डिनर तक, एक ना एक बार तो ज्यादातर घरों में रोटी परोसी ही जाती है। अगर रोटी को आप दाल, सब्जी, सलाद के साथ खा रहे हैं तो ये एक हेल्दी और बैलेंस्ड मील मानी जाती है। हालांकि क्या आप जानते हैं कि रोटी बनाते हुए भी अक्सर हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका न्यूट्रिशन यानी पोषण कम हो जाता है? जी हां, इनमें से कुछ तो इतनी कॉमन हैं जो हमें नॉर्मल लगती हैं, लेकिन रोटी का पोषण कम कर देती हैं। डायटिशियन श्वेता पांचाल बताती हैं कि रोटी बनाने से जुड़ी ये छोटी-छोटी आदतें अगर बदल ली जाएं, तो हमारी बॉडी को एक रोटी से क्या-क्या न्यूट्रिशन मिलते हैं, ये पूरी तरह बदल सकता है। ऐसी ही 5 कॉमन गलतियों के बारे में उन्होंने बताया है, आइए जानते हैं।
आटा गूंथने के तुरंत बाद रोटी बनाना
ज्यादातर घरों में आटा गूंथने के तुरंत बाद ही उसकी रोटी बना दी जाती हैं, जो कि गलत है। डायटिशियन बताती हैं कि आपको आटा गूंथने के बाद ढककर लगभग 5 मिनट के लिए यूं ही छोड़ देना चाहिए। इससे फर्मेंटेशन प्रॉसेस होता है, गुड बैक्टीरिया की ग्रोथ होती है, जो आपकी ओवरऑल गट हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद है।
एल्यूमिनियम फॉइल में रोटी रखना
रोटी बनाने के बाद उन्हें कभी भी एल्युमिनियम फॉइल में लपेटकर नहीं रखना चाहिए। श्वेता बताती हैं कि फॉइल की जगह आप रोटी को किसी साफ कपड़े में लपेटकर रख सकते हैं, जैसा अक्सर दादी-नानी किया करती थीं।
नॉन स्टिक पैन या तवे पर रोटी बनाना
तीसरी सबसे बड़ी गलती है नॉन स्टिक पैन या तवे पर रोटी बनाना। डायटिशियन सलाह देती हैं कि रोटी बनाने के लिए लोहे का तवा सबसे सुरक्षित और हेल्दी माना जाता है। इसलिए डेली रोटी बनाने के लिए आपको हमेशा आयरन यानी लोहे के तवे का इस्तेमाल ही करना चाहिए।
अलग-अलग आटा साथ में मिक्स करना
कई लोग अलग-अलग तरह के आटे जैसे ज्वार, बाजरा, बेसन, रागी और सोया को साथ में मिक्स कर के रोटी बनाते हैं। ये बेशक आपको देखने में हेल्दी लगे लेकिन डायटिशियन की मानें तो हर आटे की तासीर, फाइबर और पोषण अलग होता है। इसलिए मिक्सिंग करने से शरीर को सही फायदा नहीं मिला पाता। यही वजह है कि डायटिशियन एक बार में एक आटे की रोटी खाने की सलाह देती हैं।
बिना मन और जल्दीबाजी में रोटी बनाना
खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होता, इसका असर हमारी मानसिक स्थिति पर भी होता है। इसलिए आप जिस एनर्जी के साथ खाना बना रहे हैं, ये भी काफी मायने रखता है। डायटिशियन कहती हैं कि रोटी हमेशा ग्रेटीट्यूड यानी आभार के भाव से बनाएं। प्यार और तसल्ली के साथ बनाया गया खाना शरीर को अलग ही पोषण देता है।
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