सख्त या नरम, पेट की कौन सी चर्बी है ज्यादा खतरनाक? फोर्टिस के डॉक्टर ने बताया
Health Tips: पेट पर जमा फैट सिर्फ मोटापे की निशानी नहीं होता, बल्कि ये आपकी अंदरूनी हेल्थ के बारे में भी काफी कुछ बताता है। खासतौर पर अगर आपका पेट सख्त महसूस होता है, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये खतरनाक विसरल फैट का संकेत हो सकता है।

बेली फैट यानी पेट पर चर्बी जमा होना आजकल एक कॉमन समस्या बन चुकी है। ये देखने में तो खराब लगता ही है लेकिन बता दें सारा मामला सिर्फ लुक्स का ही नहीं है, बल्कि ये बेली फैट आपकी हेल्थ के बारे में भी काफी कुछ बताता है। अगर आप अपने पेट को हल्का सा दबाकर देखें तो दो चीजें हो सकती है। या हो ये फैट छूने पर मुलायम लग सकता है या फिर हार्ड यानी कठोर। आमतौर पर लोग इसपर ज्यादा ध्यान नहीं देते और उन्हें ये दोनों एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक सॉफ्ट बेली और हार्ड बेली दोनों में बड़ा फर्क होता है। फोर्टिस हॉस्पिटल के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ शुभम वात्स्य ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इन दोनों के बारे में बताया है। साथ ही, दोनों में से कौन सा खतरनाक है ये भी बताया है।
सॉफ्ट बेली फैट (Soft Belly Fat) क्या होता है?
अगर आपका पेट छूने पर काफी मुलायम महसूस होता है, तो इसे सॉफ्ट बेली कहा जाता है। डॉ शुभम बताते हैं कि सॉफ्ट बेली ज्यादातर Subcutaneous Fat होता है, जो स्किन के नीचे स्टोर होता है। ये आसानी से पिंच हो जाता है और इसका मेटाबॉलिक इंपैक्ट भी ज्यादा नहीं होता है। कुल मिलाकर ये नॉर्मल फैट होता है, जो हार्ड बेली की तुलना में कम खतरनाक माना जाता है।
क्या है हार्ड बेली फैट (Hard Belly fat)?
अगर आपको अपना पेट छूने पर सख्त महसूस होता है, तो ये हार्ड बेली फैट हो सकता है। ये विसरल फैट होता है, जो शरीर के अंदरूनी हिस्से जैसे लिवर, पैंक्रियाज और आंतों के आसपास जमा होता है। डॉ शुभम बताते हैं कि ये फैट इन्फ्लेमेटरी केमिकल और स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है, जिसकी वजह से फैटी लिवर, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई बीपी और हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
सॉफ्ट बेली vs हार्ड बेली, क्या है खतरनाक?
कुल मिलाकर आसान शब्दों कहें तो अगर आपका पेट निकला हुआ है और छूने पर ये सॉफ्ट यानी मुलायम फील होता है तो ज्यादा चिंता वाली बात नहीं है। लेकिन वहीं अगर आपका पेट निकला हुआ है और टच करने पर सख्त लगता है, तो ये काफी खतरनाक हो सकता है। दरअसल हार्ड बेली यानी सख्त पेट, विसरल फैट की निशानी होता है, जो शरीर के अंदर मौजूद अंगों जैसे लिवर, आंत और पैंक्रियाज के आसपास जमा होने लगता है। ये आगे चलकर कई मेटाबॉलिक बीमारियों का कारण बन सकता है।
सिर्फ वेट और BMI चेक करना काफी नहीं
गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ शुभम वात्स्य कहते हैं कि सिर्फ सिर्फ वजन या BMI देखकर हेल्थ का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। कई लोग बाहर से ज्यादा मोटे नहीं दिखते लेकिन उनके पेट में विसरल फैट काफी मात्रा में जमा हो सकता है। यही वजह है कि ऊपर से फिट दिखने के बाद भी उन्हें फैटी लिवर, हाई बीपी या हार्ट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
कैसे कम करें अपना बेली फैट?
बेली फैट कम करने के लिए अपने ओवरऑल लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर कुछ टिप्स साझा करते हुए बताते हैं कि अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा रखें, डेली एक्सरसाइज या किसी भी तरह का मूवमेंट अपने रूटीन में शामिल करें। इसके साथ ही प्रॉपर नींद और कम स्ट्रेस लेना भी काफी मदद करेगा।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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