हार्ट अटैक आने पर 1 मिनट बचा सकता है किसी की जान! सीख लें CPR देने का सही तरीका
How to Do CPR: इमरजेंसी सिचुएशन कभी भी सामने आ सकती है, खासकर हार्ट से जुड़ी समस्याओं में। CPR एक ऐसी लाइफ सेविंग तकनीक है, जो सही समय पर दी जाए तो मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।

हार्ट से जुड़ी बीमारियां आजकल काफी कॉमन हो गई हैं। गंभीर बात तो ये है कि हार्ट अटैक के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) टेक्निक की जानकारी होना हर किसी के लिए जरूरी है। ये एक लाइफ सेविंग टेक्नीक है, जिसे उस इंसान को दिया जाता है जिसकी सांसे रुक गई हों या हार्टबीट चलना बंद हो गई हो। ऐसी स्थिति में हर एक सेकेंड काफी कीमती होता है, खासकर अस्पताल तक पहुंचने से पहले अगर सही तरीके से CPR दिया जाए, तो पेशेंट की जान बचाई जा सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हर परिवार में अगर एक व्यक्ति सीपीआर देना सीख ले तो हार्टअटैक से होने वाली मौत का आंकड़ा 60% तक कम हो सकता है। तो चलिए फटाफट से सीखते हैं इसे करने का सही तरीका क्या है।
CPR असल में क्या होता है?
CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (Cardiopulmonary Resuscitation) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें छाती पर दवाब और जरूरत पड़ने पर सांस दी जाती है। हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट आने पर जब दिल काम करना बंद कर देता है, तब CPR अस्थायी तैयार पर उसे संभालने का काम करता है, जिससे व्यक्ति के सर्वाइवल के चांस बढ़ा देता है।
कब होती है CPR देने की जरूरत?
अगर आपके सामने कोई व्यक्ति गिर जाता है, तो सबसे पहले एम्बुलेंस (108) को कॉल करें। जब तक मेडिकल हेल्प नहीं मिल जाती, तब तक मरीज के चेस्ट (सीने) पर हाथ रख के देखें कि वो ऊपर-नीचे हो रहा है या नहीं। इसके बाद फेस के पास जा कर फील करें कि व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं। अगर नहीं तो जबड़े और नेक के बीच में एक कैरोटिड एरिया होता है, वहां टच कर के पल्स फील करें। अगर पल्स और सांस दोनों ही नहीं चल रहीं तो तुरंत CPR देना शुरू कर दें।
कैसे दिया जाता है CPR?
CPR देने के लिए सबसे पहले सही प्वाइंट फाइंड करना जरूरी है। इसके लिए चेस्ट के बीच वाले हिस्से में मौजूद स्टर्नम बोन (छाती की हड्डी) के सबसे सबसे निचले वाले हिस्से में अपनी दो उंगलियां रखें, यही वो हिस्सा है जहां आपको कंप्रेशन देना है। अब अपने उल्टे हाथ को इस प्वाइंट पर रखें, फिर दूसरे हाथ को उसपर रख के, उंगलियों को आपस में इंटरलॉक कर लें। अब कोहनी को सीधा रखें, फिर दबाते हुए कंप्रेशन देना शुरू करें। हर एक मिनट में आपको 100-120 कंप्रेशन देने का ट्राई करना है, और हर एक कंप्रेशन में चेस्ट 2 इंच तक डीप जाना चाहिए। CPR तब तक देते रहें, जब तक मरीज को दोबारा सांस आना शुरू ना हो जाए या फिर मेडिकल हेल्प ना मिल जाए।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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