Jharkhand launches online portal to regularise unauthorised residential buildings across the state झारखंड में अब अवैध निर्माणों को भी करवा सकेंगे वैध, राज्य सरकार ने लॉन्च किया पोर्टल; जानिए नियम व शर्तें, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में अब अवैध निर्माणों को भी करवा सकेंगे वैध, राज्य सरकार ने लॉन्च किया पोर्टल; जानिए नियम व शर्तें

इसके साथ ही योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि, नियमितीकरण की यह योजना केवल G+2 (ग्राउंड फ्लोर + दो मंजिल) तक की रिहायशी इमारतों या 300 वर्ग फीट से कम आकार के प्लॉट पर बने घरों पर ही लागू होगी।

Thu, 14 May 2026 07:31 PMSourabh Jain पीटीआई, रांची, झारखंड
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झारखंड में अब अवैध निर्माणों को भी करवा सकेंगे वैध, राज्य सरकार ने लॉन्च किया पोर्टल; जानिए नियम व शर्तें

झारखंड के नागरिकों को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने बिना शासकीय स्वीकृति के बने आवासीय भवनों को वैध कराने की प्रक्रिया को अब बेहद आसान बना दिया है। राज्य सरकार के शहरी विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को इसके लिए समर्पित एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह कदम 15 अप्रैल को राज्य कैबिनेट द्वारा 'झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026' को दी गई मंजूरी के बाद उठाया गया है। इसका मकसद कुछ शर्तों और जुर्माने के ज़रिए कुछ खास तरह के बिना मंजूरी के बने निर्माणों को कानूनी दायरे में लाना है।

कुमार ने बताया कि इस पोर्टल के लॉन्च होने के बाद, अब लोग अपने घरों को नियमित करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए बताया कि, 'इस नियम का मकसद बिना मंजूरी के निर्माण कार्यों को बढ़ावा देना बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसका मकसद तो उन लोगों को राहत देना है जो पहले ही बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के अपने मकान बनवा चुके हैं।'

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नियमितीकरण की प्रक्रिया को बना दिया आसान

शहरी विकास मंत्री ने बताया कि सरकार ने नियमितीकरण की प्रक्रिया को आसान बना दिया है और इसके लिए एक ऐसा प्रावधान भी जोड़ा है, जिसके तहत आवेदक अपनी फीस तीन किस्तों में जमा कर सकते हैं, ताकि उन पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सके।

दो महीने के अंदर जमा करने होंगे आवेदन

उधर इस बारे में जानकारी देते हुए शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि नियमितीकरण के लिए आवेदन पोर्टल लॉन्च होने की तारीख से दो महीने के अंदर जमा करने होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आवेदनों को मंजूर करने या नहीं करने की जिम्मेदारी अधिकारियों पर होगी, और उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे आवेदनों पर छह महीने के अंदर फैसला ले लेंगे।

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हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद

इसके साथ ही योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि, नियमितीकरण की यह योजना केवल G+2 (ग्राउंड फ्लोर + दो मंजिल) तक की रिहायशी इमारतों या 300 वर्ग फीट से कम आकार के प्लॉट पर बने घरों पर ही लागू होगी। उन्होंने बताया कि सरकार की इस पहल से राज्य के हजारों ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने आशियाने को कानूनी मान्यता दिलाने का इंतजार कर रहे थे।

किन मकानों को मिलेगा इस योजना का लाभ?

  • अधिकतम G+2 (ग्राउंड फ्लोर + दो मंजिल) तक बने हों।
  • या फिर जो मकान 300 वर्ग फीट से कम के प्लॉट पर बनाए गए हैं।

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