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रांची में अतिक्रमण हटाने पर बवाल, आक्रोशित लोगों ने जाम की सड़क

रांची के एक इलाके में अतिक्रमण हटाने के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क ही जाम कर दी। इससे एंबुलेंस और स्कूल बसें घंटों फंसी रहीं। बेघर लोगों का आरोप है कि बिना चेतावनी घर तोड़े गए। 

Wed, 11 Feb 2026 05:57 PMKrishna Bihari Singh वार्ता, रांची
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रांची में अतिक्रमण हटाने पर बवाल, आक्रोशित लोगों ने जाम की सड़क

रांची के सुखदेवनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के बाद बुधवार सुबह तनाव फैल गया। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने रातू रोड के पास सड़क जाम कर दी। सड़क बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में स्कूल बसें, एंबुलेंस और दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना चेतावनी दिए उनके घर तोड़ दिए जबकि वे वहां कई वर्षों से रह रहे थे।

अतिक्रमण हटाने के बाद तनाव

मंगलवार को रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित खादगढ़ा और महुआ टोली में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बुधवार को सुबह के वक्त इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और रातू रोड कब्रिस्तान के पास मुख्य सड़क जाम कर दी।

गाड़ियों की लंबी लाइन

सड़क जाम किए जाने के कारण गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। इससे लोगों को बहुत परेशानी हुई। जाम इतना ज्यादा था कि ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल बसें और एंबुलेंस भी घंटों तक फंसी रहीं।

बड़ी संख्या में जमावड़ा

पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन लंबे समय तक हालात सामान्य नहीं हो सके। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

बिना चेतावनी के बुलडोजर ऐक्शन का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन मकानों को तोड़ा गया, वहां कई परिवार वर्षों से रह रहे थे। उनका कहना है कि प्रशासन ने बिना चेतावनी के बुलडोजर चला दिया और लोगों को अपना सामान सुरक्षित करने तक का समय नहीं दिया गया।

बेघर हो गए दर्जनों परिवार

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मंगलवार की कार्रवाई में दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं। बच्चों की पढ़ाई, आजीविका और सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने जीवन भर की जमा पूंजी से अपने घर बनाए थे, जिन्हें एक झटके में तोड़ दिया गया। अब उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस

वहीं, प्रशासन का कहना है कि खादगढ़ा और महुआ टोली में करीब 27 कट्ठा सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया गया था, जिसे नियमानुसार हटाया गया है। अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस भी जारी किया गया था।

प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग

हालांकि स्थानीय लोग इस दावे से सहमत नहीं हैं और कार्रवाई पर रोक और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। विरोध को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासनिक अधिकारी लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और समाधान के लिए वार्ता जारी है।

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