Ranchi Delhi air ambulance requested deviation due to weather Before crashed in Jharkhand आखिरी बार कोलकाता ATC से संपर्क, रास्ता बदलना चाहते थे पायलट; रांची प्लेन क्रैश मामले में बड़ा अपडेट, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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आखिरी बार कोलकाता ATC से संपर्क, रास्ता बदलना चाहते थे पायलट; रांची प्लेन क्रैश मामले में बड़ा अपडेट

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सोमवार की देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है।

Tue, 24 Feb 2026 06:19 AMAditi Sharma हिन्दुस्तान, रांची
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आखिरी बार कोलकाता ATC से संपर्क, रास्ता बदलना चाहते थे पायलट; रांची प्लेन क्रैश मामले में बड़ा अपडेट

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सोमवार की देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है। वहीं रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विमान में चालक दल समेत सात लोग सवार थे। जानकारी के मुताबिक रांची से रेड बर्ड एविएशन की एयर एंबुलेंस ने सोमवार की देर शाम 7:10 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

सूचना के अनुसार, रात करीब 7.34 बजे इस फ्लाइट का संपर्क एटीसी से टूट गया। उसके बाद सिमरिया की कसारी पंचायत में चरकी टोंगरी स्थित करमटांड़ जंगल में विमान के क्रैश होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही चतरा जिला प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू कर दिया।

डीजीसीए के बयान के मुताबिक दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 विमान VT-AJV ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी। इसके बाद इस एयर एंबुलेंस ने कोलकाता कंट्रोल रूम से संपर्क होने के बाद खराब मौसम की वजह से अपना रास्ता बदलने की अनुमति मांगी थी। शाम 7:34 बजे कोलकाता से इस विमान का संपर्क टूट गया और यह रेडार से भी गायब हो गया। उस समय विमान वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील (NM) दक्षिण-पूर्व में था।

कोलकाता से संपर्क टूटने के बाद क्या हुआ?

कोलकाता से संपर्क टूटने के बाद, पायलट ने वाराणसी या लखनऊ के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से भी कोई संपर्क नहीं किया। जब वाराणसी के रेडार डेटा की दोबारा जांच की गई, तो पता चला कि विमान आखिरी बार शाम 7:22 बजे रेडार पर दिखा था। डीजीसीए ने बताया कि हादसे की जांच एयर क्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की टीम भेजी गई है। वहीं रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार का मानना है कि इस हादसे के पीछे खराब मौसम एक बड़ी वजह हो सकती है, लेकिन दुर्घटना के असली कारणों का पता पूरी जांच होने के बाद ही चल पाएगा।

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अक्षय कुमार ने 2018 में रेडबर्ड एयरवेज की स्थापना की थी और अगस्त 2019 में इसे अनियमित उड़ानों (चार्टर उड़ानें और एयर एम्बुलेंस) के लिए एयर ऑपरेटर परमिट प्राप्त हुआ। कंपनी अपनी वेबसाइट के अनुसार, चिकित्सा आपात स्थिति में चौबीसों घंटे एयर एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का कहना है कि विमान में डॉक्टरों, परिचारकों आदि सहित अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हैं।

जानकारी के मुताबिक दुर्घटना के कारण विमान का इंजन फेल होना, खराब मौसम, आंधी का होना, मार्ग में कनवेक्टिव क्लाउड की चपेट में आना, विमान में लाइटिनिंग जैसी घटना का होना, घने कुहासे और विजिब्लिटी नहीं होने के कारण, रोटर में खराबी बताया जा रहा है। हालांकि असली वजह हादसे की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

परिवारवालों ने उठाए सवाल

लातेहार के चंदवा निवासी संजय कुमार पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। वे ढाबे में लगी आग के कारण झुलस गए थे। उनका इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में डॉ. अनंत सिन्हा कर रहे थे। डॉ. सिन्हा ने सोमवार को दिल्ली रेफर किया था। इसके बाद रांची से रेड बर्ड एविएशन की एयर एंबुलेंस ने सोमवार की देर शाम 7:10 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी। संजय के परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम खराब हो गया था तो एयर एंबुलेंस को उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? पूरा मामला गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

इनकी गई जान

इस हादसे में जिन सात लोगों की मौत हुई उनमें मरीज 40 वर्षीय संजय कुमार, उनकी 35 वर्षीय पत्नी अर्चना देवी, भगीना 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पारा मेडिकल कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत, सौराजदीप सिंह शामिल हैं।