झारखंड में मौसम का डबल अटैक! रांची में बारिश से राहत, खूंटी-इटकी में तूफान ने मचाई तबाही
Jharkhand weather: बारिश और ओलावृष्टि के बीच करीब आधे घंटे तक 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने मुरहू के कई गांवों में सैकड़ों घरों के छप्पर उड़ा दिए। 100 से अधिक बिजली के खंभे और कई ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए।
Jharkhand weather: झारखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ है। एक ओर जहां रांची समेत राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ खूंटी जिले के मुरहू और इटकी जैसे इलाकों में आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। मौसम के इस दोहरे असर ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं कई जगह जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है। ईस्ट सिंहभूमि में 33.6 मिमी, लातेहार में 24.5 मिमी और रांची में 11.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बोकारो, सिमडेगा और लोहरदगा में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान संताल परगना और आसपास के जिलों- धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा और रामगढ़ में तेज हवा, गरज के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। रांची का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री नीचे है। बीते पांच दिनों में राजधानी का पारा करीब 5 डिग्री तक गिर चुका है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
हालांकि, इसी बदले मौसम ने कई इलाकों में भारी नुकसान भी पहुंचाया है। खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड में रविवार देर शाम करीब आधे घंटे तक 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने सैकड़ों घरों के छप्पर उड़ा दिए। 100 से अधिक बिजली के खंभे और कई ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए। रोंगो, जिकिलता से लेकर कुड़ापुर्ती तक के गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे खूंटी-तमाड़ मुख्य मार्ग समेत कई ग्रामीण सड़कों पर आवागमन ठप हो गया।
मुरहू के कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे लोगों को रातभर अंधेरे में गुजारना पड़ा। जलमीनार से पानी की आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए भी जूझना पड़ा। ओलावृष्टि और खेतों में पानी भर जाने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि अंधेरा होने के कारण पूरी क्षति का आकलन नहीं हो सका है।
उधर, रांची जिले के इटकी प्रखंड में भी शनिवार को आंधी-बारिश ने कहर बरपाया। तेज हवा के कारण कई पेड़ उखड़ गए और उनकी टहनियां बिजली के तारों पर गिरने से हटिया ग्रिड और इटकी फीडर में ब्रेकडाउन हो गया। इसके चलते शनिवार सुबह 11 बजे से लेकर रविवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति ठप रही। यहां भी कई घरों के एसबेस्टस छप्पर उड़ गए और घरेलू कामकाज के साथ छोटे-बड़े उद्योग प्रभावित हुए।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों से क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। सरकारी प्रावधान के तहत फसल क्षति पर प्रति हेक्टेयर 8500 रुपये, आंशिक मकान क्षति पर 4000 रुपये और पूरी तरह मकान गिरने पर अधिकतम एक लाख रुपये तक मुआवजा दिया जा सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पंजाब से लेकर नागालैंड तक बनी एक टर्फ लाइन और हरियाणा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम परिवर्तन हो रहा है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते बादल बन रहे हैं और लगातार बारिश व आंधी-तूफान की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है।
खूंटी और इटकी क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचाई। कई घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ और बिजली पोल गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। सड़कों पर आवागमन बाधित रहा, जबकि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इधर अड़की में रविवार शाम मौसम के अचानक करवट लेने से आए तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड में भारी तबाही मचा दी।
महज आधे घंटे के इस भीषण मौसम ने रोंगो, जिकिलता से लेकर कुड़ापुर्ती तक के इलाके में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान की चपेट में आकर सैकड़ों घरों के छप्पर उड़ गए, जबकि 100 से अधिक बिजली के खंभे और कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। बड़ी संख्या में पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे मुख्य मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया। छोटा जिउरी गांव में रीडू मानकी, करम सिंह स्वांसी, एतवा मुंडा, लोचन मुंडा, सुगुनदास मुंडा, केरसे मुंडा, सोमा मुंडा (चौघरी) और बुदडू स्वांसी के घरों के छप्पर उड़ गए।
वहीं किताहातू गांव में दसाय मुंडा और जगाय मुंडा के घरों के बाहर बने शेड तेज हवा में उखड़ गए। आंधी-तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। सोयको थाना के सामने ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे अंधेरा छा गया है। आंधी-पानी के कारण खूंटी-तमाड़ मुख्य सड़क सहित किताहातू-मुरहू और उलिहातू मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। हालांकि सोयको थाना प्रभारी पीआर पांडे, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से घंटों की मशक्कत के बाद आंशिक रूप से आवागमन बहाल किया जा सका।




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