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झारखंड में अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम, IMD ने दिए 2 बड़े अपडेट; तेजी से गिरेगा तापमान

झारखंड का मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अगले 4 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश के साथ तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

Wed, 3 June 2026 06:26 AMMohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम, IMD ने दिए 2 बड़े अपडेट; तेजी से गिरेगा तापमान

Jharkhand Rainfall: झारखंड के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम केंद्र ने बुधवार से अगले चार दिनों तक रांची समेत झारखंड के अलग-अलग जिलों में आंधी और गरज के साथ बारिश और वज्रपात का अनुमान जताया है। यह स्थिति ओडिशा और बंगाल के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और छत्तीसगढ़ क्षेत्र में सक्रिय साइक्लोनिक सिस्टम के प्रभाव से संभव है।

कहां कितना तापमान

इधर, मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में मौसम साफ रहने से तपिशभरी धूप रही। पलामू में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 40 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं रांची का अधिकतम 35 और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री रहा। जमशेदपुर का न्यूनतम पारा सर्वाधिक 26.6 डिग्री रहा। यहां अधिकतम 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य में अधिकतम पारा सामान्य की से एक से तीन डिग्री तक अधिक है। पलामू, जमशेदपुर को छोड़ अन्य जिलों का अधिकतम तापमान 30.8 से लेकर 38 डिग्री रहा। कई हिस्सों में मंगलवार को अधिकतम पारा में दो से तीन डिग्री वृद्धि देखी गई। रांची के अधिकतम तापमान में दो डिग्री की वृद्धि हुई। वहीं न्यूनतम में दो डिग्री की गिरावट रही।

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भारत में अब ज्यादा दिन बिताने लगा है मानसून

नई दिल्ली। देश में अब मानसून का मिजाज बदल रहा है। वर्षा ऋतु का चक्र पहले से लंबा हो गया, यानी मानसून तय समय से पहले आ रहा है और तय समय के बाद ही इसकी वापसी हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग(आईएमडी) की ओर से देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन और वापसी की तिथियों को लेकर किए गए शोध में यह बात सामने आयी है। यह निष्कर्ष 120 वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है।

जलवायु परिवर्तन है मुख्य कारण

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की तरफ से जारी शोध पत्र में मानसून काल लंबा होने के पीछे का मुख्य कारण जलवायु परिवेश में बदलाव को बताया गया है। शोध पत्र के अनुसार, पूर्व में तय की गई मानसून की सामान्य तिथियां (वर्ष 1971 से 2000 के बीच की) वर्तमान जलवायु परिस्थितियों से अलग हैं। मौसम के बदलते रुख की वजह से मानसून की समय-सारणी में दीर्घकालिक बदलाव आए हैं। इन नई तिथियों की मदद से अब मौसमी पूर्वानुमानों की सटीकता सुधरेगी।

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वैज्ञानिकों के अनुसार, अब तक उपयोग की जा रही मानसून के आगमन की सामान्य तिथियां पुराने आंकड़ों (वर्ष 1901 से 1940) पर आधारित थीं, जिन्हें केवल 149 केंद्रों से प्राप्त किया गया था। इस नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने देशभर में फैले 569 केंद्रों के वर्ष 1971 से 2000 तक के औसत पांच दिनों के वर्षा के आंकड़ों का उपयोग करके मानसून आगमन की नई समय-सारणी तैयार की है।

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मानसून का हाल

दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत सामान्यतः जून में केरल में होती है। करीब 15 जुलाई तक यह पूरे भारत में सक्रिय हो जाता है। वहीं, 15 अक्तूबर तक विदाई मानी जाती है।

राज्य के अन्य जिलों के अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि हुई।

प्रमुख जिलों में तापमान की स्थिति

मेदिनीनगर 40.0 26.1

सरायकेला 39.3 25.4

जमशेदपुर 39.2 26.6

बोकारो 38.1 26.1

रांची 35.0 20.9