झारखंड में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से 3 करोड़ की ठगी, 1 आरोपी गिरफ्तार; कई जिलों में फैला था जाल
इस मामले में हजारीबाग जिले से एक 28 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को मुनाफे का लालच देकर करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की।

झारखंड पुलिस ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइट के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में हजारीबाग जिले से एक 28 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को मुनाफे का लालच देकर करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर रविवार को हजारीबाग के कोर्रा इलाके में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान राहुल कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। जब पुलिस ने मोबाइल फोन की जांच की तो उनमें तीन अवैध ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट लॉग-इन मिलीं।
कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक ने बताया कि मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच में तीन करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का पता चला है। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
पूछताछ के दौरान राहुल कुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने चचेरे भाई प्रिंस कुमार के साथ मिलकर अवैध बेटिंग वेबसाइट चलाता था। दोनों लोगों को ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देकर अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ते थे। शुरुआत में कुछ लोगों को लाभ दिखाया जाता था, लेकिन बाद में उनसे बड़ी रकम निवेश कराकर ठगी की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का नेटवर्क केवल हजारीबाग तक सीमित नहीं था। वे रांची, रामगढ़, चतरा और हजारीबाग समेत कई जिलों में सक्रिय थे। ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को अपने जाल में फंसाया गया।
मामले में सोमवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और ऑनलाइन जुआ प्रोत्साहन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने फरार चल रहे प्रिंस कुमार की तलाश शुरू कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट तथा अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।




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