Jharkhand Weather: झारखंड में आसमान से बरस रही आग, 42 डिग्री के पार तापमान; झुलसा रही लू
Jharkhand Weather: झारखंड में आसमान से आग बरस रही है। सुबह 10 बजे ही पारा 40 के पार जा रहा है। हीटवेव और लू के थपेड़ों का असर इस कदर है कि हर अस्पताल में 400 के करीब लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

Jharkhand Weather: झारखंड में गर्मी का प्रकोप पड़ना शुरू हो गया है। बुधवार को झारखंड के कई जिलों में तापमान चढ़ा रहा। स्थिति ऐसी रही कि छह जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से पार हो गया। इसके कारण लोगों को कड़ी धूप के साथ गर्म हवा का दंश झेलना पड़ रहा है। इन जिलों में पूर्वी सिंहभूम में अधिकतम 43, सरायकेला-खरसांवा में 43, पलामू में 42.8, पश्चिमी सिंहभूम में 42.2 और गोड्डा में 41.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा बोकारो में 41.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।
सुबह 10 बजते ही चढ़ रहा पारा
सुबह 10 बजे से ही तापमान तेजी से चढ़ रहा है। कई जिलों में सुबह के समय में ही कड़ी धूप के साथ अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। रांची में अधिकतम 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि, पाकुड़ में 40.6 डिग्री रहा। अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
लू प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनेगा
रांची में इन दिनों भीषण गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव के कारण लोग लू की चपेट में आ रहे हैं। इसका असर सदर अस्पताल में देखने को मिल रहा है, जहां हर दिन लू से प्रभावित मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मेडिसिन ओपीडी में 350 से 400 मरीज हर दिन इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें अधिकांश में लू के लक्षण देखे जा रहे हैं।
दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बाहर काम करने वाले लोगों को हो रही है। मरीजों में चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, कमजोरी, शरीर में पानी की कमी और बेहोशी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। सदर अस्पताल प्रशासन ने लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए एक अलग वार्ड की व्यवस्था की है। इस वार्ड में हीट वेव और लू के मरीजों को भर्ती कर विशेष निगरानी में इलाज दिया जा रहा है। इसके अलावा मेडिसिन वार्ड में भी कुछ बेड ऐसे मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार मिल सके। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।
12 से 3 बजे बाहर निकलने से बचें
सिविल सर्जन ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलने पर सिर ढंककर रखें, हल्के सूती कपड़े पहनें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। नींबू पानी, ओआरएस, छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद होता है।




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