झारखंड में बच्चों को किताबों की तर्ज पर मिलेगा स्कूल बैग, सरकार ने किया खास बदलाव
झारखंड के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र में छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग दिया जाएगा। पहली से आठवीं के 40 लाख छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग का वितरण किया जाएगा। 160 रुपये की दर से दिए जाने वाले स्कूल बैग बांटने के नियम में राज्य सरकार ने बदलाव किया है।

झारखंड के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र में छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग दिया जाएगा। पहली से आठवीं के 40 लाख छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग का वितरण किया जाएगा। 160 रुपये की दर से दिए जाने वाले स्कूल बैग बांटने के नियम में राज्य सरकार ने बदलाव किया है।
स्कूल बैग के लिए बिड के आधार पर कंपनी का चयन किया जाता था। इसके बाद जिलावार स्तर पर ऑर्डर दिया जाता था और एग्रीमेंट किया जाता था। इससे हर जिला में अलग-अलग समय में बैग का ऑर्डर जाता था और बच्चों को स्कूल बैग मिलने में देरी होती थी। राज्य सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब राज्य स्तर से ही एक साथ सभी जिलों के बच्चों के स्कूल बैग का ऑर्डर जाएगा। इससे एक ही समय राज्यभर के बच्चों को स्कूल बैग मिल सकेगा।
स्कूल बैग का ऑर्डर जिस कंपनी को मिलेगा, वह स्कूल बैग तैयार कर प्रखंडों तक पहुंचाएगी। प्रखंडों से वह स्कूल तक जाएगा। स्कूल बैग वितरण के बाद विभाग से जिलावार औचक निरीक्षण कर सैंपल की जांच की जाएगी। जिस सैंपल के आधार पर स्कूल बैग का ऑर्डर दिया गया था, उसी मेटेरियल में यह है या नहीं देखा जाएगा।
जिलों से ली जाएगी बच्चों की संख्या: राज्य के सरकारी स्कूलों से बच्चों की संख्या ली जाएगी। पाठ्यपुस्तक की तर्ज पर बच्चों की संख्या के आधार पर स्कूल बैग का ऑर्डर दिया जाएगा। सरकार अप्रैल-मई तक स्कूली बच्चों को स्कूल बैग भी देने की तैयारी में है।
आपको बताते चलें कि झारखंड में सरकार द्वारा बच्चों को स्कूल बैग देने की योजना नई नहीं है। भारत में अलग-अलग राज्य सरकारें स्कूली बच्चों को पढ़ाई के लिए कई तरह की सुविधाएँ और सामग्री देती हैं, ताकि शिक्षा को बढ़ावा मिल सके और ड्रॉपआउट कम हों। प्रमुख चीजें ये हैं:
1. मिड-डे मील
2. मुफ्त किताबें
3. स्कूल यूनिफॉर्म
4. छात्रवृत्ति
5. साइकिल योजना
6. लैपटॉप/टैबलेट
7. स्कूल बैग और स्टेशनरी
8. जूते-मोजे
9. स्वास्थ्य सुविधाएं
10. ट्रांसपोर्ट या बस सुविधा




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