झारखंड राज्यसभा चुनाव: अब NDA विधायक ले जाए जा रहे होटल, क्या रणनीति?
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों को रांची के एक होटल में ले जाया जा रहा है। एनडीए के एक सूत्र ने यह जानकारी दी। इस बीच बाबूलाल मरांडी ने एकबार फिर BJP समर्थित निर्दलीय कंडिडेट परिमल नाथवानी की जीत का भरोसा जताया है।

झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले विपक्षी राजग यानी NDA के विधायकों को एक होटल में ले जाया जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि होटल में विधायकों की मौजूदगी में चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी। वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एकबार फिर हुंकार भरते हुए BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत का भरोसा जताया है। हालांकि, जीत के लिए उनको 4 अतिरिक्त मतों की जरूरत होगी क्योंकि एनडीए के पास महज 24 विधायक हैं। ऐसे में नाथवानी की जीत बिना क्रॉस वोटिंग के मुश्किल लग रही है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के एक सूत्र ने बताया कि मतदान से कुछ दिन पहले राज्य में राजग विधायकों को यहां एक होटल में ले जाया जा रहा है। इसकी पुष्टि राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी की। उन्होंने कहा कि राजग विधायक 18 जून को चुनावी रणनीति पर बैठक करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या विधायक 2 दिन तक होटल में ही रहेंगे बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम बैठक करेंगे।
इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी ने दो राज्यसभा सीटों में से एक पर BJP समर्थित निर्दलीय कंडिडेट परिमल नाथवानी की जीत पर भरोसा जताया। परिमल नाथवानी को जीत के के लिए 28 वोट की जरूरत होगी। वहीं सत्तापक्ष के एक विधायक ने कहा कि नाथवानी की जीत क्रॉस वोटिंग के संभव नहीं है क्योंकि एनडीए के पास विधानसभा में पर्याप्त वोट नहीं हैं।
एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं। इनमें BJP के 21 और लोजपा (रामविलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी और जदयू के एक-एक विधायक शामिल हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है। झारखंड विधानसभा में 'INDIA' गठबंधन के 56 सदस्य हैं। इनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के 2 सदस्य शामिल हैं।
अब तक यही सुनने में आता रहा है कि कांग्रेस ही अपने विधायकों को महफूज कर रही है। ऐसे में अब एनडीए विधायकों को होटल ले जाए जाने की बातें चर्चा का विषय बन गई हैं। बीते दिनों एमपी में कांग्रेस के विधायकों को कर्नाटक ले जाए जाने की बातें चर्चा का विषय बनी थीं। हालांकि तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किए जाने के चलते कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी थी। बता दें कि झारखंड की एक राज्यसभा सीट झामुमो के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी जबकि दूसरी सीट BJP सदस्य दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को पूरा होने के कारण खाली हो रही है।




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