राज्यसभा में बदलने वाले हैं नंबर, NDA बहुमत के बेहद करीब; TMC की टूट का बड़ा असर
TMC यानी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के लगातार इस्तीफों के बाद संसद में आंकड़ा बदल सकता है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि अब एनडीए उच्च सदन में बहुमत पाने के बेहद करीब है। हालांकि, जिन सीटों पर इस्तीफे हुए हैं, वहां चुनाव को लेकर ऐलान नहीं हुआ है।

तृणमूल कांग्रेस में जारी बगावत के बीच अब संसद के आंकड़े बदलने जा रहे हैं। इसपर हाल ही में हुए 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव का भी असर होगा, जहां सांसद निर्विरोध चुने गए हैं। खबर है कि राज्यसभा चुनावों के मौजूदा दौर में एनडीए को दो-तिहाई के जादुई आंकड़ें के करीब आने में मदद मिलेगी। वहीं, TMC में बगावत के बावजूद लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत अभी भी काफी दूर है।
अभी क्या है सीटों की स्थिति
सूत्रों का कहना है कि 148 सांसदों की मौजूदा संख्या के साथ एनडीए राज्यसभा चुनावों के मौजूदा दौर में झारखंड और मिजोरम में निर्दलीय सीटों को जीत सकती है। यहां तीन सीटों पर 18 जून को चुनाव होंगे। साथ ही टीएमसी के चार राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद एनडीए उपचुनावों के बाद इन सीटों को भी जीत सकती है। ऐसे में सदन में उसकी संख्या 154 हो जाएगी, जो कि उच्च सदन में दो तिहाई बहुमत से नौ कम है।
कितनी सीटें चाहिए
चूंकि, उच्च सदन में टीएमसी के और सांसदों के इस्तीफे की संभावना है, इसलिए माना जा रहा है कि एनडीए 163 का आंकड़ा हासिल कर सकती है। इससे उसे सभी संवैधानिक संशोधन बिल पास करने के लिए जरूरी संख्या बल मिल जाएगा। विपक्षी INDIA गठबंधन के पास अभी 64 सांसद हैं। आठ सांसदों वाली डीएमके और तीन सांसदों वाली आप इस समूह से अलग हो गई हैं।
हालांकि, लोकसभा में एनडीए की संख्या 313 तक बढ़ सकती है, क्योंकि टीएमसी के लगभग 20 और सांसद एक अलग समूह बनाकर उसका समर्थन कर सकते हैं। लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत पाने के लिए 363 सांसदों की जरूरत होती है।
TMC के 20 सांसद हुए अलग
ममता बनर्जी के नेतृत्व को एक बड़ा झटका देते हुए पार्टी के 20 लोकसभा सदस्यों ने रविवार को 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय की घोषणा की। साथ ही अध्यक्ष ओम बिरला से मिल कर सदन में सदस्य के रूप में लग बैठने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध-पत्र दिया। काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुने गये 20 सदस्यों ने आज लोक सभा अध्यक्ष से मुलाकात कर के उन्हें सदन में अलग बैठने की अनुमति देने का अनुरोध-पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष से मिले इस समूह में 20 सदस्य है और उनकी संख्या सदन में पार्टी के सदस्यों की कुल संख्या के दो-तिहाई से अधिक है।
असली तृणमूल अदालत में तय होगा
गुट में शामिल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि बागी नेताओं ने NCP के साथ विलय किया है, यह एक राजनीतिक पार्टी है, एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टी है। असली तृणमूल कांग्रेस कौन है, यह अदालत में तय होगा। इससे पहले टीएमसी के बागी नेता दिल्ली में भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से मिले थे। लोकसभा में 28 सदस्यों के साथ तृणमूल कांग्रेस (99) और समाजवादी पार्टी (37) के बाद तीसरा सबसे बड़ा दल था।
सीटों का गणित
नवंबर तक सत्ताधारी गठबंधन की ताकत कम हो सकती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश से 10 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं राज्य विधानसभा में अपनी बेहतर संख्या-बल के कारण समाजवादी पार्टी को राज्यसभा में कुछ सीटें मिल सकती हैं। विपक्षी INDIA गठबंधन के साथ अभी 64 सांसद हैं, द्रमुक के आठ सांसदों के अलग होने और आप के तीन सांसदों के गठबंधन से दूरी बना लेने के बाद यह स्थिति बनी है। वाईएसआर कांग्रेस के पास 7 और बीजद पर 6 सीटें हैं। ये दल राज्यसभा में किसी भी तरफ जा सकते हैं। ये दल किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।




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