jharkhand minister irfan ansari letter to rahul gandhi for west bengal शुभेंदु सरकार के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी को किसने लिख दिया लेटर, सड़क पर उतरने की मांग, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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शुभेंदु सरकार के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी को किसने लिख दिया लेटर, सड़क पर उतरने की मांग

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद लिए गए एक फैसले के खिलाफ आवाज उठाने और सड़क पर उतरने की मांग की है।

Tue, 12 May 2026 06:30 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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शुभेंदु सरकार के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी को किसने लिख दिया लेटर, सड़क पर उतरने की मांग

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इरफान अंसारी ने पश्चिम बंगाल को लेकर राहुल गांधी को एक खुला खत लिखा है। अंसारी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद लिए गए एक फैसले के खिलाफ आवाज उठाने और सड़क पर उतरने की मांग की है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक फैसला बताते हुए कहा कि यह फैसला केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंता का विषय है।

इरफान अंसारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने के फैसले को लेकर राहुल गांधी के नाम खतल लिखा और अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, 'मैं आपका ध्यान पश्चिम बंगाल में लिए गए एक बेहद गंभीर और चिंताजनक फैसले की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रहे अधिकारी को राज्य का मुख्य सचिव बनाया गया है। यह निर्णय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।'

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अंसारी ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत

अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। जब चुनाव कराने वाले अधिकारी को उसी सत्ता द्वारा इतना बड़ा प्रशासनिक पद दिया जाता है, तो देश की जनता के मन में स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा होता है। इससे यह संदेश जाता है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को बाद में राजनीतिक पुरस्कार दिए जा सकते हैं। जामताड़ा से तीन बार के विधायक अंसारी ने लिखा, 'आज मेरी बेचैनी इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि भाजपा लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। पहले जांच एजेंसियों का दुरुपयोग, फिर संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव और अब चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को बड़े पदों पर बैठाना- यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। भाजपा द्वारा बंगाल में लिया गया यह फैसला पूरी तरह आत्मघाती और लोकतंत्र विरोधी प्रतीत होता है।'

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राहुल गांधी से सड़क पर उतरने की अपील

अंसारी ने राहुल गांधी से इसके खिलाफ आवाज उठाने और सड़कों पर उतरने की अपील की। उन्होंने कहा, 'यह फैसला केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंता का विषय है। जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो रहे हैं या फिर संस्थाओं को सत्ता के प्रभाव में चलाया जा रहा है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि कृपया इस गंभीर मामले को संज्ञान में लें और देशहित में आवाज उठाएं। यदि समय रहते ऐसे फैसलों का विरोध नहीं किया गया, तो लोकतंत्र और संविधान दोनों कमजोर होते चले जाएंगे। देश की जनता आज विपक्ष की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। मुझे पूर्ण आशा और विश्वास है कि आप इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे विपक्ष को एकजुट कर सड़क पर उतरेंगे तथा भाजपा पर दबाव बनाएंगे कि वह इस फैसले को वापस ले।'

कौन हैं मनोज अग्रवाल

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। 1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी अग्रवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नेतृत्व किया था। एसआईआर के दौरान लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अग्रवाल (60) अपने करियर में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के कई प्रमुख विभागों जैसे कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार, खाद्य, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और वन विभाग में सेवा दी है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

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